बोकारो: बोकारो वन प्रमंडल ने शनिवार को एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए गोमिया प्रखंड के तुलबुल एवं ढेंढे क्षेत्र में संचालित अवैध लकड़ी तस्करी और आरा मिलों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। रामगढ़ एवं बोकारो वन प्रमंडल की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध लकड़ियां, आरा मशीनें और अन्य उपकरण जब्त किए। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वन अपराध का मामला दर्ज किया गया है।

गुप्त सूचना पर बनी रणनीति
वन विभाग को पिछले कुछ समय से लगातार विश्वसनीय सूत्रों के माध्यम से सूचना मिल रही थी कि लुगु बुरु पहाड़ और आसपास के संरक्षित जंगलों से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है। कटाई के बाद लकड़ियों को ट्रैक्टरों के माध्यम से तुलबुल और ढेंढे क्षेत्र में संचालित अवैध आरा मिलों तक पहुंचाया जाता था। यहां लकड़ियों को चीरकर फर्नीचर एवं अन्य लकड़ी उत्पादों का रूप दिया जाता था, जिन्हें बाद में विभिन्न बाजारों में बेच दिया जाता था।
सूचनाओं की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने विशेष रणनीति तैयार की और संयुक्त टीम गठित कर एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया।

बिना लाइसेंस और ट्रांजिट परमिट चल रहा था कारोबार
छापेमारी के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संचालकों एवं श्रमिकों से लकड़ियों के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज, ट्रांजिट परमिट तथा आरा मिल संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस की मांग की। जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
वन अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि लकड़ियां अवैध रूप से काटी गई थीं तथा आरा मिलों का संचालन भी बिना वैध अनुमति के किया जा रहा था। इसके बाद विभाग ने तत्काल जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी।

भारी मात्रा में लकड़ी और मशीनें जब्त
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने अवैध कारोबार में प्रयुक्त संसाधनों को अपने कब्जे में लेते हुए बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। जब्त की गई सामग्री में शामिल हैं—
- पांच ट्रैक्टर अवैध लकड़ियां
- आरा मिलों में प्रयुक्त मशीनें
- लकड़ी चीरने के उपकरण एवं अन्य संसाधन
- अवैध भंडारण में रखी गई लकड़ियां
वन विभाग ने सभी मशीनों और उपकरणों को सील कर दिया है तथा आगे की जांच के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पांच आरोपी गिरफ्तार, वन अपराध का मामला दर्ज
छापेमारी के दौरान मौके से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद इनके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम तथा झारखंड आरा मिल अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध का मामला दर्ज किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

डीएफओ के नेतृत्व में चला अभियान
इस वृहद अभियान का नेतृत्व बोकारो के वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) नीतिश कुमार ने किया। छापेमारी दल में प्रशिक्षु डीएफओ शंदिप शिंदे, तेनुघाट वन क्षेत्र पदाधिकारी बटेश्वर पासवान सहित बोकारो वन प्रमंडल के तेनुघाट, गोमिया एवं चास रेंज के वनकर्मी शामिल थे।
इसके अतिरिक्त रामगढ़ वन प्रमंडल के कुजू और मांडू रेंज के वनकर्मियों ने भी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बोकारो पुलिस के 12 जवानों की टीम को भी साथ रखा गया था।

लुगु बुरु क्षेत्र के संरक्षण की दिशा में अहम कदम
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार लुगु बुरु पहाड़ क्षेत्र पर्यावरण और जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह इलाका हाथियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। लगातार हो रही अवैध कटाई के कारण जंगलों का क्षरण बढ़ रहा था, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ने से हाथियों के झुंड भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ते हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में यह कार्रवाई केवल अवैध लकड़ी कारोबार पर रोक लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की अवैध कटाई, तस्करी और बिना लाइसेंस संचालित आरा मिलों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि जंगलों को नुकसान पहुंचाने और वन्यजीवों के आवास को प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति या गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी या अवैध आरा मिल संचालन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।














