गोमिया: बकाया मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि के भुगतान की मांग को लेकर गोमिया प्रखंड की सहिया एवं सहिया साथियों ने शुक्रवार से एक बार फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल पर गई सहियाओं ने गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एकत्र होकर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान सहियाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनके बकाया मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य संबंधी कार्य नहीं करेंगी। इससे क्षेत्र में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सहिया रीता देवी ने बताया कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर 5 जून से हड़ताल की घोषणा की गई थी। उस समय अस्पताल प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि बकाया राशि के भुगतान हेतु आवंटन प्राप्त हो रहा है तथा एक सप्ताह के भीतर सभी सहियाओं और सहिया साथियों का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ, जिससे सहियाओं में भारी नाराजगी है और वे पुनः अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश हुई हैं।
सहिया रेनुबाला देवी ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर माह से सहियाओं को मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं मिला है। लगभग नौ माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर मंत्री, विधायक, उपायुक्त तथा सिविल सर्जन सहित विभिन्न अधिकारियों को आवेदन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
वहीं सहिया साथी गेंदा देवी ने कहा कि 5 जून को प्रस्तावित हड़ताल की लिखित सूचना अस्पताल प्रबंधन को पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद 13 सहिया साथियों से स्पष्टीकरण मांगना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने बताया कि सहियाओं का मानदेय सितंबर 2025 से तथा सहिया साथियों का मानदेय अक्टूबर 2025 से लंबित है। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि बकाया राशि का शीघ्र भुगतान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान सहियाओं ने एक स्वर में कहा, “भुगतान नहीं तो काम नहीं, पैसा मिलेगा तो काम पर लौटेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इधर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सहियाओं एवं सहिया साथियों के बकाया भुगतान की राशि का आवंटन प्राप्त हो चुका है। कुछ तकनीकी कारणों से भुगतान प्रक्रिया में विलंब हुआ है। प्रबंधन के अनुसार एक-दो दिनों के भीतर सभी लंबित मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
अब सभी की निगाहें अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो हड़ताल लंबी खिंच सकती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।














