गोमिया। साइबर अपराधियों ने मोबाइल अपडेट से संबंधित संदिग्ध मैसेज का सहारा लेकर गोमिया के एक प्रवासी मजदूर और उसकी पत्नी के बैंक खातों से कुल 48 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद बुधवार को चतरोचट्टी थाना में लिखित आवेदन देकर अज्ञात साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

मामला गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत लोधी पंचायत के तिसरी गांव का है। पीड़ित मनोज महतो जो वर्तमान में महाराष्ट्र के पुणे में प्रवासी मजदूर के रूप में एक निजी कंपनी के अधीन हाइवा चालक का काम करते हैं और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दो माह पूर्व बरसात को लेकर गोमिया आए हुए हैं।
मोबाइल पर आया संदिग्ध अपडेट मैसेज
पीड़ित द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, 8 सितंबर 2026 को उनके मोबाइल फोन पर मोबाइल अपडेट से संबंधित एक संदिग्ध मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज में दी गई सूचना/लिंक पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल फोन अचानक हैंग हो गया और करीब 20 मिनट तक काम करना बंद कर दिया।
मोबाइल के दोबारा सामान्य रूप से काम करने के बाद जब मनोज महतो ने अपने बैंक खातों की जांच की तो उनके होश उड़ गए। जांच में पता चला कि उनके तथा उनकी पत्नी के बैंक खातों से साइबर अपराधियों द्वारा कुल ₹48,000 की राशि निकाल ली गई है।
दो बैंक खातों से हुई निकासी
पीड़ित के आवेदन में बैंक खातों से हुई अनधिकृत निकासी का विवरण भी दिया गया है। उसके अनुसार—
- बैंक ऑफ इंडिया, गोमिया शाखा के संयुक्त खाते से ₹46,000 की निकासी हुई।
- बैंक ऑफ बड़ौदा, गोमिया शाखा के खाते से ₹2,000 की निकासी की गई।
- दोनों खातों से कुल ₹48,000 की राशि अवैध रूप से निकाली गई।
पीड़ित का आरोप है कि मोबाइल पर प्राप्त संदिग्ध अपडेट मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद ही साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी का दुरुपयोग कर खातों से रकम निकाल ली।
1930 पर तत्काल दर्ज कराई शिकायत
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना देर किए साइबर अपराध की हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया और घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद उन्हें ACK No. XXXXXX2695 प्रदान किया गया है। कहा है कि घटना के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
राशि फ्रीज कराकर वापस दिलाने की मांग
मनोज महतो ने चतरोचट्टी पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर बैंक खातों से हुए सभी अनधिकृत लेन-देन की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस को साइबर अपराध संबंधी शिकायत का ACK नंबर तथा उपलब्ध बैंक लेन-देन और मैसेज के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराने की बात कही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत
घटना एक बार फिर यह बताती है कि साइबर अपराधी मोबाइल अपडेट, RTO Challan, बैंकिंग सेवा, केवाईसी, रिवार्ड, बिजली बिल या अन्य जरूरी सेवाओं के नाम पर संदिग्ध लिंक भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। किसी भी अनजान मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है।
विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि बैंक या किसी आधिकारिक सेवा के नाम पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी परिस्थिति में OTP, PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर रकम की रिकवरी की संभावना बढ़ाने के लिए तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पीड़ित ने चतरोचट्टी थाना पुलिस से मामले की जांच कर दोषी साइबर अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा ठगी गई ₹48,000 की राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
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