गोमिया। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JSPCB) द्वारा CTO (Consent to Operate) रद्द किए जाने के बाद करीब एक माह तक बंद रहा आर्डियर अस्पताल शुक्रवार से एक बार फिर सुचारू रूप से संचालित होने लगा। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा बहाल होने के साथ ही गोमिया और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों में राहत देखी जा रही है। खासकर सर्पदंश (Snake Bite) के मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल का दोबारा खुलना बड़ी राहत माना जा रहा है।
आर्डियर अस्पताल सर्पदंश के सफल उपचार के लिए गोमिया ही नहीं, बल्कि बेरमो, फुसरो, नेरकी, विष्णुगढ़, रामगढ़, रजरप्पा सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में भी जाना जाता रहा है। अस्पताल बंद रहने के दौरान सर्पदंश के मरीजों को तत्काल उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा था। अब अस्पताल की सेवाएं दोबारा शुरू होने से ऐसे मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

शुक्रवार से सार्वजनिक रूप से बहाल हुईं सभी सेवाएं
आर्डियर अस्पताल के सीएमओ डॉ. प्रशांत शेखर पात्रा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा शुक्रवार से अस्पताल की सभी स्वास्थ्य सेवाएं दोबारा सार्वजनिक रूप से बहाल कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के दोबारा संचालन को लेकर मरीजों के बीच भी उत्साह है और आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में ऑस्ट्रेलिया मेडेड की अत्याधुनिक स्वास्थ्य जांच मशीनों के माध्यम से मरीजों को पहले की अपेक्षा बेहतर जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन की ओर से समय-समय पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं मेडिकल कैंप आयोजित करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि आसपास के ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
बंद रहने के दौरान सर्पदंश मरीजों को हुई सबसे अधिक परेशानी
गौरतलब है कि आर्डियर अस्पताल के बंद होने से सबसे अधिक परेशानी सर्पदंश के मरीजों को उठानी पड़ रही थी। गोमिया और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं सामने आने के बाद मरीजों को अक्सर तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है। ऐसे में आर्डियर अस्पताल स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपचार केंद्र रहा है।
अस्पताल के बंद रहने के दौरान सर्पदंश के मरीजों को दूसरे अस्पतालों में ले जाना पड़ रहा था। इससे मरीजों के परिजनों को अतिरिक्त परेशानी के साथ-साथ समय और आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ा। अब अस्पताल की सेवा बहाल होने से लोगों को अपने क्षेत्र में ही उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
CTO रद्द होने के बाद करीब एक माह तक बंद रहा था अस्पताल
बताते चलें कि इससे पहले झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आर्डियर अस्पताल के संचालन की अनुमति CTO रद्द किए जाने के बाद अस्पताल को बंद रखने का आदेश दिया गया था। इसके बाद करीब एक माह तक अस्पताल की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
ओरिका गोमिया के एचआर हेड रौशन सिन्हा ने उस समय बताया था कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मांगे गए जरूरी कागजात अस्पताल प्रबंधन की ओर से उपलब्ध करा दिए गए थे। CTO रिजेक्ट होने के कारण आर्डियर अस्पताल ट्रस्ट यूनिट को बंद करना पड़ा था। हालांकि फैक्ट्री एक्ट के तहत कंपनी में कार्यरत कर्मियों के लिए आवश्यक फर्स्ट एड सुविधा जारी रखी गई थी।
अब पहले से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
अस्पताल के दोबारा शुरू होने के बाद प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की बात कही जा रही है। अत्याधुनिक जांच मशीनों के इस्तेमाल के साथ मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध कराने तथा जरूरतमंद लोगों के लिए नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित करने की योजना पर भी जोर दिया जा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि यहां आने वाले मरीजों को उपचार के साथ आवश्यक जांच की सुविधा भी एक ही स्थान पर मिल सके। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए ऐसी सुविधाएं महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
हालांकि अस्पताल के संचालन, CTO से संबंधित प्रक्रिया और आधिकारिक रूप से सेवाएं बहाल किए जाने के संबंध में ओरिका गोमिया के एचआरबीपी रौशन सिन्हा ही अधिकृत वरीय पदाधिकारी हैं जिनका पक्ष महत्वपूर्ण है और अभी तक अप्राप्त है। ऐसे में संबंधित पदाधिकारी का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आ सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दी गई जानकारी के अनुसार फिलहाल अस्पताल की सेवाएं शुक्रवार से दोबारा शुरू कर दी गई हैं।
करीब एक माह के अंतराल के बाद आर्डियर अस्पताल में फिर से मरीजों की आवाजाही शुरू होने लगी है। अस्पताल के दोबारा खुलने से खासकर सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में इलाज के लिए यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।














