गोमिया। आईईएल थाना क्षेत्र के ससबेड़ा पूर्वी पंचायत स्थित जोबेड़ा गांव निवासी 64 वर्षीय मुंद्रिका यादव को कोनार नदी में बहे 48 घंटे से अधिक समय बीत गया है। इसके बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। शुक्रवार को रांची से NDRF की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने नदी में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
मुंद्रिका यादव बुधवार की सुबह कोनार नदी पार कर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान वह नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। देखते ही देखते वह पानी में बह गए। इसके बाद से ही उनकी तलाश जारी है।

करमा पर्व का झूमर देखने गए थे
जानकारी के अनुसार, मुंद्रिका यादव मंगलवार की शाम कोनार नदी पार कर बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के गंडके गांव गए थे। वहां करमा पर्व का झूमर कार्यक्रम और विसर्जन देखने पहुंचे थे। बुधवार की सुबह वह वापस जोबेड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान कोनार नदी पार करते समय हादसा हुआ।
नदी के पास कुछ युवक मछली पकड़ रहे थे। उन्होंने मुंद्रिका यादव को बहते हुए देखा था। युवकों ने बचाने का प्रयास किया। हालांकि, वे तेज धार में काफी आगे बह गए। जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक उनका पता नहीं चल सका था।

पहले स्थानीय स्तर पर चला खोज अभियान
पहले दिन से ही घटना की जानकारी मिलते ही आईईएल थाना प्रभारी श्यामल मंडल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से तलाश शुरू कराई।
मुंद्रिका यादव के पुत्र प्रदीप यादव और जयनाथ गोप सहित अन्य परिजन भी लगातार खोज अभियान में जुटे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी नदी के किनारे और संभावित स्थानों पर तलाश की।
तीसरे दिन ससबेड़ा पूर्वी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह समाजसेवी पिंटू पासवान भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया है कि वे लगातार मंत्री योगेंद्र प्रसाद से स्थिति को लेकर संपर्क बनाए हुए हैं, NDRF की टीम मुंद्रिका यादव को जरुर खोज लेगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद को दी गई जानकारी
गुरुवार को पिंटू पासवान ने घटना की जानकारी सूबे के पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद को दी। उन्होंने मुंद्रिका यादव की तलाश के लिए आवश्यक मदद की मांग की। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद शुक्रवार को रांची से NDRF की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया।

स्टीमर और उपकरणों के साथ पहुंची NDRF
शुक्रवार को NDRF की टीम गोमिया के कोनार नदी पहुंची। टीम अपने साथ स्टीमर, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी बचाव उपकरण लेकर पहुंची। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर रामकुमार सिंह कर रहे हैं। टीम ने नदी में उतरकर व्यवस्थित तरीके से तलाश शुरू की है। नदी की धार और संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में भी खोज की जा रही है। टीम आसपास के हिस्सों को भी खंगाल रही है।

लगातार बारिश बनी बड़ी बाधा
तलाशी अभियान में सबसे बड़ी परेशानी लगातार हो रही बारिश है। ग्रामीण अशोक यादव के अनुसार, क्षेत्र में करीब तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव प्रभावित है। पानी की धार भी तेज है। ऐसे में NDRF की टीम द्वारा भी नदी में स्टीमर चलाना और तलाशी अभियान करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। हालांकि, NDRF की टीम उपलब्ध संसाधनों के साथ लगातार अभियान चला रही है।

कोनार डैम का फाटक भी बंद कराया गया था
घटना के बाद प्रशासन की ओर से कोनार डैम के फाटक को बंद कराने की कार्रवाई भी की गई थी। इसका उद्देश्य नदी के बहाव को कम करना था। इसके बाद पानी के बहाव में कुछ कमी आने की बात सामने आई थी। क्योंकि नदी में तेज बहाव बना हुआ था, इसलिए स्थानीय स्तर पर भी लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई।

ग्रामीणों को कारो सीम की ओर बहने की आशंका
NDRF की कार्रवाई देखने मौके पर जुटे दर्जनों स्थानीय ग्रामीणों का अनुमान है कि मुंद्रिका यादव नदी के तेज बहाव में काफी दूर तक बह गए होंगे। ग्रामीण अशोक यादव सहित अन्य लोगों ने पहले भी आशंका जताई थी कि वह सीसीएल की कारो सीम की ओर चले गए होंगे। इसी संभावना को देखते हुए खोज अभियान को आगे के बहाव वाले क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जा रहा है।
परिवार को अब भी सुरक्षित मिलने की उम्मीद
48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी मुंद्रिका यादव का पता नहीं चलने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। उनकी पत्नी मंगरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन अब NDRF के अभियान से उम्मीद लगाए हुए हैं। ग्रामीण भी लगातार अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
फिलहाल NDRF की टीम नदी में तलाश कर रही है। उदाहरण के लिए, नदी की मुख्य धार के साथ-साथ किनारे और संभावित बहाव वाले हिस्सों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में तलाशी अभियान जारी है।
















