गोमिया। कोनार नदी के तेज बहाव में बहकर लापता हुए 64 वर्षीय मुंद्रिका यादव का शव चौथे दिन बरामद कर लिया गया। उनका शव सीसीएल स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के जीरो पॉइंट के समीप नदी से मिला। शव मिलने की खबर के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, लगातार चार दिनों से चल रहे खोज अभियान का दुखद अंत हुआ।
मुंद्रिका यादव आईईएल थाना क्षेत्र के ससबेड़ा पूर्वी पंचायत स्थित जोबेड़ा गांव के निवासी थे। वह बुधवार की सुबह कोनार नदी पार कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए थे। घटना के बाद से ही पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से उनकी तलाश की जा रही थी।

करमा पर्व का झूमर देखने गए थे
बताया जाता है कि मुंद्रिका यादव मंगलवार की शाम कोनार नदी पार कर बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के गंडके गांव गए थे। वहां करमा पर्व के अवसर पर आयोजित झूमर कार्यक्रम और विसर्जन देखने के बाद वह बुधवार की सुबह अपने घर लौट रहे थे।
घर लौटने के दौरान उन्हें कोनार नदी पार करनी थी। इसी क्रम में नदी की तेज धार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मछली पकड़ रहे युवकों ने उन्हें बहते हुए देखा था। युवकों ने बचाने का प्रयास किया। हालांकि, तेज बहाव के कारण वह देखते ही देखते पानी में लापता हो गए।
चार दिनों तक चला खोज अभियान
घटना के बाद आईईएल थाना प्रभारी श्यामल मंडल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाश शुरू की गई। मुंद्रिका यादव के पुत्र प्रदीप यादव, जयनाथ गोप सहित अन्य परिजन भी लगातार नदी के किनारे खोजबीन में जुटे रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी अभियान में सहयोग किया। इस दौरान ससबेड़ा पूर्वी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह समाजसेवी पिंटू पासवान ने मामले की जानकारी प्रशासन और पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद को दी थी। इसके बाद मामले में त्वरित पहल हुई।

NDRF की टीम ने संभाला मोर्चा
मुंद्रिका यादव की तलाश में शुक्रवार को रांची से NDRF की टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। टीम अपने साथ स्टीमर, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी बचाव उपकरण लेकर पहुंची थी। NDRF टीम का नेतृत्व टीम लीडर इंस्पेक्टर राम कुमार सिंह कर रहे थे। टीम ने कोनार नदी में उतरकर सघन तलाशी अभियान चलाया। नदी की मुख्य धार के साथ-साथ संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में भी खोज की गई। चार दिनों तक चले इस अभियान के दौरान नदी की तेज धार और लगातार बारिश बड़ी चुनौती बनी रही। इसके बावजूद NDRF की टीम ने लगातार अभियान जारी रखा।
सीसीएल स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के जीरो पॉइंट पर मिला शव
तलाशी अभियान के दौरान चौथे दिन मुंद्रिका यादव का शव सीसीएल स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के जीरो पॉइंट के समीप बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। शव की पहचान मुंद्रिका यादव के रूप में की गई। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

NDRF टीम का किया धन्यवाद
शव बरामद होने के बाद मुखिया प्रतिनिधि पिंटू पासवान, ग्रामीण अशोक यादव और बिनोद कुमार यादव ने NDRF टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से टीम लीडर इंस्पेक्टर राम कुमार सिंह और पूरी NDRF टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि टीम ने कठिन परिस्थितियों में लगातार चार दिनों तक खोज अभियान चलाया। बारिश और नदी के तेज बहाव के बावजूद टीम ने अभियान में कोई कमी नहीं छोड़ी। ग्रामीणों ने कहा कि NDRF की टीम के पहुंचने से खोज अभियान को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली।
सीओ ने सरकारी लाभ दिलाने का दिया आश्वासन
घटना की जानकारी मिलने के बाद गोमिया अंचल अधिकारी आफताफ आलम ने भी मामले की जानकारी ली। उन्होंने मृतक के परिजनों को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया। सीओ ने मृतक के परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाले नियमानुसार लाभ से आच्छादित कराने का आश्वासन दिया है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही गई है।
परिवार में मचा कोहराम
मुंद्रिका यादव का शव मिलने के बाद उनके परिवार में मातम छा गया। उनकी पत्नी मंगरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि मुंद्रिका यादव सुरक्षित वापस मिल जाएंगे। लेकिन चार दिन बाद उनका शव मिलने से परिवार पूरी तरह टूट गया।
घटना के बाद जोबेड़ा गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। ग्रामीण बड़ी संख्या में परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
लगातार चार दिनों तक चले खोज अभियान के बाद मुंद्रिका यादव का शव तो बरामद कर लिया गया, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में कोनार नदी के तेज बहाव और नदी पार करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
















