गोमिया-विष्णुगढ़, गोमिया-पेटरवार और गोमिया-कथारा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार, प्रदर्शन कर आंदोलनकारियों ने की नारेबाजी
गोमिया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को झारखंड बंद के दौरान आंदोलनकारी सड़क पर उतर आए। गोमिया में आंदोलनकारियों ने पोस्ट ऑफिस मोड़ को जाम कर दिया, जिसके कारण क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क जाम के कारण गोमिया-विष्णुगढ़, गोमिया-पेटरवार और गोमिया-कथारा मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

बुधवार की सुबह से ही आंदोलनकारी गोमिया पोस्ट ऑफिस मोड़ के पास जुटने लगे। इसके बाद सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने की मांग की। सड़क जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रखंड अध्यक्ष कुलेश्वर पासवान, सचिव लवनाथ देव, उपाध्यक्ष वीर सिंह बेसरा आदि आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य के गठन के करीब 26 वर्ष बाद भी झारखंड आंदोलनकारियों की कई मांगें पूरी नहीं हुई हैं। आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, उनके आश्रितों को नियोजन, परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा, पक्का मकान सहित अन्य मांगों को लेकर मोर्चा लगातार आवाज उठाता रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर 30 सितंबर को झारखंड बंद का समर्थन किया जा रहा है।

तीन प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित
गोमिया पोस्ट ऑफिस मोड़ पर सड़क जाम किए जाने के बाद इसका असर आसपास के प्रमुख मार्गों पर भी देखने को मिला। गोमिया-विष्णुगढ़ मार्ग, गोमिया-पेटरवार मार्ग और गोमिया-कथारा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई वाहन चालक जाम में फंसे रहे। यातायात बाधित होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई।
आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार आंदोलन करने के लिए सड़क पर नहीं उतरना पड़े।

इससे पूर्व मंगलवार की शाम बंद की पूर्व संध्या पर भी झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से गोमिया में मशाल जुलूस निकाला गया था। पोस्ट ऑफिस मोड़ से बैंक मोड़ तक निकाले गए मशाल जुलूस में दर्जनों आंदोलनकारी शामिल हुए थे। इसके बाद बुधवार को बंद के दौरान आंदोलनकारियों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मोर्चा की ओर से बंद के दौरान आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं को मुक्त रखने की बात कही गई है। वहीं, गोमिया में सड़क जाम के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था पर इसका असर पड़ा है।
प्रदर्शनकारियों में दरबारी मांझी, शिवशंकर पासवान, जलेश्वर् पासवान, मो. खुर्शीद, मो. इस्लाम, बहाराम मांझी, जागो मांझी, निर्मल राजवार, बासुदेव राम, तालो सोरेन, टिमन हांसदा, देवान हांसदा, शोधन सोरेन, बिरालाल मरांडी, कलाम अंसारी, जयराम रविदास, तालोराम मांझी, बलराम मांझी, मिहिलाल मांझी, धनजी मांझी, दिनेश करमाली, श्यामदेव सोरेन, अनिल कुमार, रामेश्वर यादव, निर्मल रजवार, हरिहर नाथ प्रजापति, वरुण प्रजापति, दिनेश रविदास, विनोद रविदास, महेश रविदास, रामचंद्र गंझू, हीरालाल मांझी, दुलारचंद नायक, राजकुमार नोनिया आदि मौजूद रहे।














