गोमिया: गोमिया प्रखंड अंतर्गत स्वांग उत्तरी पंचायत में स्वांग सेंट्रल स्कूल से राजकुमार निषाद के घर होते हुए मुख्तार साह के घर तक स्वीकृत PCC पथ निर्माण योजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय, गोमिया को आवेदन जमाकर योजना की स्थल जांच, अभिलेखों के सत्यापन तथा यदि अनियमितता प्रमाणित हो तो संबंधित राशि की वसूली एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार उक्त PCC पथ का निर्माण वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15वें वित्त आयोग की राशि से स्वीकृत किया गया था। योजना का योजना/कार्य संख्या 53450552 बताया गया है तथा इसकी स्वीकृत प्राक्कलन राशि करीब ढाई लाख रुपये बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य धरातल पर अब तक पूरा नहीं हुआ है और मौके पर सड़क कच्ची स्थिति में है। इसके बावजूद संबंधित अभिलेखों में योजना को पूर्ण दर्शाए जाने तथा सरकारी राशि की निकासी किए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि जांच में कार्य किए बिना अथवा अपूर्ण कार्य को पूर्ण दर्शाकर सरकारी राशि की निकासी किए जाने की पुष्टि होती है, तो यह सरकारी राशि के उपयोग एवं योजना के क्रियान्वयन से संबंधित गंभीर अनियमितता का मामला होगा। इसी को लेकर ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बरसात में ग्रामीणों की बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन पथ है। सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को प्रतिदिन आवागमन में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में कच्ची सड़क पर कीचड़ और पानी जमा हो जाने से स्थिति और खराब हो जाती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उक्त सड़क निर्माण के लिए सरकारी राशि से योजना स्वीकृत की गई थी, तो स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी मापदंड के अनुरूप मौके पर PCC सड़क का निर्माण होना चाहिए था। लेकिन वर्तमान स्थल की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए योजना के दस्तावेजों और धरातल की वास्तविक स्थिति का मिलान कराने की मांग की है।
MB, वाउचर और भुगतान विवरण की जांच की मांग
आवेदन में ग्रामीणों ने योजना से संबंधित स्वीकृति आदेश, प्राक्कलन, माप पुस्तिका (MB), वाउचर, भुगतान विवरण और पूर्णता प्रमाण-पत्र सहित सभी संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही विभागीय तकनीकी पदाधिकारी या कर्मी से स्थल का भौतिक सत्यापन एवं मापी कराकर वास्तविक स्थिति को सरकारी अभिलेखों से मिलाने का आग्रह किया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि योजना में किए गए भुगतान और सरकारी राशि की निकासी का पूरा विवरण सत्यापित कराया जाए। यदि जांच के दौरान कार्य किए बिना या अपूर्ण कार्य को पूर्ण दर्शाकर भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो तत्कालीन पंचायत प्रतिनिधियों एवं योजना से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा ग्रामीणों ने सरकारी राशि के अनुचित भुगतान अथवा गबन की पुष्टि होने पर नियमानुसार संबंधित राशि की वसूली, ब्याज एवं जुर्माने की कार्रवाई करने तथा ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सड़क का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार नया DPR/प्राक्कलन तैयार कर PCC पथ का निर्माण कराने की मांग की है।
मुखिया का पक्ष जानने का प्रयास
इस संबंध में वर्तमान मुखिया विनोद विश्वकर्मा ने बताया कि आरोप निराधार है, उक्त सड़क का निर्माण किया गया है योजना भले ही वर्ष 2020-21 का है लेकिन क्रियान्वयन 2025-26 में हुआ है सड़क बने अभी दो माह ही हुआ है। ये अलग बात है कि बजट की कमी के अनुसार सड़क अभी भी 100 फीट अपूर्ण है।
ग्रामीणों ने आवेदन की प्रतिलिपि उपायुक्त बोकारो, उप विकास आयुक्त बोकारो तथा एसडीएम बेरमो (तेनुघाट) को भी भेजते हुए मामले में शीघ्र जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।














