गोमिया। गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र में तालाब में डूबने से आठ वर्षीय बच्ची प्रियांशु कुमारी की मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। बच्ची के दादा बासुदेव रविदास ने चतरोचट्टी थाना में लिखित शिकायत देकर गांव के ही चेतलाल रविदास सहित सात लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि डीवीसी की जमीन पर कथित रूप से अवैध एवं असुरक्षित तरीके से निजी तालाब बनाया गया था, जिसमें डूबने से उनकी पौती की दर्दनाक मौत हुई।
शिकायत के अनुसार, बासुदेव रविदास चतरोचट्टी गांव के निवासी हैं और उनके घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर उक्त तालाब स्थित है। उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर 2026 की दोपहर उनकी आठ वर्षीय पोती प्रियांशु कुमारी तालाब के पास खेल रही थी। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण वह गहरे पानी में चली गई और डूब गई। काफी खोजबीन के बाद बच्ची को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

पोस्टमार्टम के बाद बढ़ा विवाद
शिकायतकर्ता के अनुसार, बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों एवं सात पंचायतों के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में मामले को लेकर बातचीत हुई। आरोप है कि तालाब से जुड़े व्यक्ति एवं उसके परिवार के सदस्यों ने ग्रामीणों के निर्णय को मानने से इनकार कर दिया और कथित रूप से धमकी दी कि “जो करना है कर लो।”
इसके बाद चतरोचट्टी पंचायत के मुखिया महादेव महतो के निर्देश पर एक सहमति पत्र तैयार किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद प्रियांशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब सात बजे पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचकर समझाने गए तो मारपीट का आरोप
शिकायत में बासुदेव रविदास ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीणों के साथ विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीणों की सलाह पर जब कुछ लोग चेतलाल रविदास के परिवार से बातचीत करने उनके घर पहुंचे तो कथित रूप से घर का दरवाजा बंद कर दिया गया।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद घर की छत से धारदार हथियार, तलवार, टांगी तथा ईंट-पत्थर से हमला किया गया। इस कथित हमले में बासुदेव रविदास के सिर में गंभीर चोट लगी और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले जाकर इलाज कराया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, सिर की चोट से काफी रक्तस्राव हो रहा था और चिकित्सकों ने सिर में दस टांके लगाए, जिसके बाद रक्तस्राव बंद हुआ।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना में वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों तथा घर आए मेहमानों को भी चोटें आईं।
पुलिस पहुंची, कार्रवाई का दिया आश्वासन
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना की सूचना पुलिस को दिए जाने के बाद चतरोचट्टी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाते हुए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों एवं आवेदक ने थाना प्रभारी के समक्ष पूरे मामले को रखा। शिकायतकर्ता के अनुसार, थाना प्रभारी ने उन्हें विधि-विधान के तहत बच्ची के शव का अंतिम संस्कार करने तथा अगले दिन सभी शिकायतों को लिखित रूप में थाना में देने की बात कही और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का भरोसा दिया।
तालाब को समतलीकरण कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जिस जमीन पर कथित रूप से तालाब का निर्माण किया गया है, उसकी जांच कराई जाए और यदि वह डीवीसी की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित पाया जाता है तो मशीन के माध्यम से तालाब का समतलीकरण कराया जाए। साथ ही बच्ची की मौत एवं उसके बाद हुए कथित विवाद और मारपीट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
इन लोगों पर लगाया गया आरोप
बासुदेव रविदास ने अपनी शिकायत में चेतलाल रविदास, छोटन रविदास, प्रेमचंद्र रविदास, मुनिया देवी, नीला देवी, सुरेश रविदास तथा निरंजन कुमार दास के नाम का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इधर दुसरे पक्ष के चेतलाल रविदास ने भी चतरोचट्टी थाना में आवेदन देकर बासुदेव रविदास, दिलीप रविदास, अनिल रविदास, दामोदर रविदास, डालचंद रविदास, रूपलाल रविदास, बालेश्वर रविदास, मंटू रविदास, धर्मनाथ आंबेडकर, कन्हैया रविदास, रोबिंद रविदास, संतोष रविदास, धीरेन्द्र रविदास आदि लोगों पर बच्ची की मौत का दोषी मुझे बनाते हुए 6 लाख रूपये मुआवजा के लिए दबाव बनाया, मुआवजा देने में असमर्थ रहने पर दिनांक 04.10.2026 को घातक हथियारों से लैश होकर घर में घुसकर जाने से मारने की कोशिश करने, घरेलू सामानों को तोड़-फोड़ व 87 हजार रूपये लुटने का आरोप लगाया है।
थाना प्रभारी शशि शेखर ने बताया कि दोनों पक्षों से एक दुसरे पर केस दर्ज कराया गया है शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वहीं, आठ वर्षीय प्रियांशु की मौत के बाद एक ओर जहां परिवार में मातम पसरा है, वहीं दूसरी ओर घटना को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश व्याप्त बताया जा रहा है।















