लोधी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य यशवंत कुमार ने बीडीओ को आवेदन देकर उठाए सवाल, कमरों में पानी के रिसाव और घटिया ईंटों के इस्तेमाल का आरोप

गोमिया। गोमिया प्रखंड की लोधी पंचायत अंतर्गत बोरवाकोचा स्थित निर्माणाधीन उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण कार्य में कथित अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है। करीब 25 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि से बन रहे विद्यालय भवन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए लोधी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य यशवंत कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
आवेदन में पंचायत समिति सदस्य ने आरोप लगाया है कि विद्यालय भवन निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल, पुराने बोरवेल को नया दिखाने तथा सरकारी राशि के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई है। उन्होंने संबंधित तकनीकी पदाधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने का आग्रह किया है।
पुराने बोरवेल में नई पाइप-मोटर डालकर नया दिखाने का आरोप
यशवंत कुमार ने अपने आवेदन में कहा है कि विद्यालय परिसर में पहले से मौजूद बोरवेल में नई पाइप और मोटर डालकर उसे नया दिखाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मांग की है कि प्राक्कलन में बोरवेल निर्माण अथवा उससे संबंधित कार्य के लिए किए गए प्रावधान की जांच की जाए। साथ ही, पुराने और नए कार्य का भौतिक सत्यापन कर वास्तविक खर्च का आकलन किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि योजना की राशि का उपयोग निर्धारित कार्य के अनुरूप हुआ है या नहीं।
बारिश में सभी कमरों में पानी का रिसाव
आवेदन में विद्यालय भवन के सभी कमरों में हाल ही में हुई बारिश के दौरान पानी का रिसाव होने की शिकायत भी की गई है। पंचायत समिति सदस्य के अनुसार, निर्माणाधीन भवन में इस प्रकार की समस्या सामने आना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने छत की ढलाई, दीवारों, प्लास्टर और जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते खामियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में भवन की मजबूती और विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
थर्ड क्लास बंगला ईंटों के इस्तेमाल की शिकायत
यशवंत कुमार ने निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता वाली ईंटों के स्थान पर कथित रूप से थर्ड क्लास बंगला ईंटों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकारी राशि से बनने वाले विद्यालय भवन में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। आवेदन के माध्यम से ईंटों सहित अन्य निर्माण सामग्री की जांच कर प्राक्कलन में निर्धारित मानकों से उसका मिलान कराने की मांग की गई है।
जेई, एई और एसडीओ की भूमिका की जांच की मांग
पंचायत समिति सदस्य ने निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले कनीय अभियंता (जेई), सहायक अभियंता (एई) तथा संबंधित एसडीओ की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य के निरीक्षण, मापी पुस्तिका (एमबी), भुगतान विवरण और वास्तविक निर्माण की स्थिति का मिलान किया जाए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही, नियमों के उल्लंघन या मिलीभगत की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

बीडीओ से निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह
यशवंत कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय भवन निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवन बच्चों के भविष्य और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और सरकारी राशि का पारदर्शी तरीके से उपयोग करना आवश्यक है।
फिलहाल आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित विभाग एवं निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
















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