गोमिया: गोमिया प्रखंड के सुदूरवर्ती चुट्टे गांव की 56 महिलाओं से लाखों रुपये की लोन ठगी करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी अजय कुमार ठाकुर को मंगलवार को तेनुघाट कोर्ट परिसर में ग्रामीण महिलाओं ने पकड़ लिया। आक्रोशित महिलाओं ने आरोपी को कोर्ट परिसर में एक पेड़ से बांध दिया और उसके साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही तेनुघाट ओपी प्रभारी भजनलाल महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आरोपी को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद उसे विधिवत चतरोचट्टी थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दौरान पुलिस को भी महिलाओं और ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, चुट्टे गांव की 56 महिलाओं को आरोपी अजय कुमार ठाकुर और उसकी पत्नी जीरू देवी ने कम ब्याज पर बच्चों की पढ़ाई, शादी-विवाह तथा अन्य घरेलू जरूरतों के लिए आसान शर्तों पर लोन दिलाने का झांसा दिया था। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं ने उनकी बातों पर भरोसा कर अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज उन्हें सौंप दिए।
पीड़ित महिलाओं नरेश तुरी, रीना देवी, गिरजा देवी, बबीता देवी, हेमिया देवी, रूबीबाला देवी, मालती देवी और चरकी देवी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि आरोपी दंपति ने पहले अपने घर को एक कथित वित्तीय सहायता केंद्र या कार्यालय का रूप दिया था। विश्वास जीतने के लिए कुछ महिलाओं को छोटे-छोटे ऋण भी दिलवाए गए। इससे गांव में उनकी विश्वसनीयता बढ़ गई और धीरे-धीरे दर्जनों महिलाएं उनके संपर्क में आ गईं।

महिलाओं का आरोप है कि आरोपी दंपति ने विभिन्न निजी फाइनेंस और माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से उनके नाम पर लोन स्वीकृत करवाया। लोन की राशि खातों में आने के बाद आरोपियों ने अधिक ब्याज पर निवेश या अन्य बहाने बनाकर महिलाओं से पूरी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। कई मामलों में बैंकिंग प्रक्रिया और दस्तावेजों का उपयोग कर सीधे राशि पर कब्जा कर लिया गया।
पीड़ितों के अनुसार, 23 फरवरी को अजय कुमार ठाकुर और उसकी पत्नी जीरू देवी अचानक गांव छोड़कर फरार हो गए। उनके फरार होने के बाद जब विभिन्न माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और वित्तीय संस्थानों ने महिलाओं से ईएमआई और किश्तों की वसूली शुरू की, तब उन्हें पूरे मामले की गंभीरता का एहसास हुआ। महिलाओं को तब पता चला कि उनके नाम पर लाखों रुपये का ऋण लिया गया है, जिसकी राशि वे स्वयं कभी उपयोग ही नहीं कर सकीं।

इसके बाद पीड़ित महिलाएं लगातार न्याय की मांग को लेकर चतरोचट्टी थाना और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों का चक्कर लगाती रहीं। महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उन्हें लगातार आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों के फरार होने के बाद विभिन्न माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं। एजेंटों द्वारा किश्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि सुबह से देर रात तक एजेंट उनके घरों में पहुंचकर मानसिक दबाव बनाते हैं, अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हैं और भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी देते हैं। इससे पीड़ित परिवारों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।

मंगलवार को महिलाओं को सूचना मिली कि आरोपी अजय कुमार ठाकुर किसी जमीन रजिस्ट्री के सिलसिले में तेनुघाट कोर्ट पहुंचा हुआ है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण कोर्ट परिसर पहुंच गए। जैसे ही आरोपी उनकी नजर में आया, उसे घेर लिया गया। महीनों से न्याय की प्रतीक्षा कर रही महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपी को पकड़कर पेड़ से बांध दिया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हो सकी।
इधर, चतरोचट्टी थाना प्रभारी शशि शेखर ने बताया कि महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में आरोपी अजय कुमार ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके विरुद्ध पूर्व में दर्ज कांड संख्या 17/26 के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की कुल राशि कितनी है तथा इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। वहीं पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों की संपत्ति जब्त कर उनकी राशि वापस दिलाई जाए तथा उन्हें माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के ऋण बोझ से राहत प्रदान की जाए।













