गोमिया। गोमिया BRC में पदस्थापित महिला BRP (Block Resource Person) संकुल साधन सेवी पर नौकरी दिलाने के नाम पर दो लाख रुपये की ठगी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ललपनिया थाना क्षेत्र के कोदवाटांड निवासी मो. सुभानी अंसारी ने गोमिया थाना क्षेत्र के स्वांग निवासी सह BRP आशा देवी पर उनकी भतीजी और भांजी को शिक्षक पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये लेने तथा बाद में न नौकरी दिलाने और न ही राशि वापस करने का आरोप लगाया है।

पुलिस को दिए गए आवेदन में मो. सुभानी अंसारी ने बताया है कि लगभग दो वर्ष पूर्व उनकी मुलाकात आशा देवी से हुई थी। बातचीत के दौरान आशा देवी ने उनकी भतीजी रेशम आरा और भांजी आसामी परवनी को शिक्षक की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में दो लाख रुपये की मांग की गई। आरोप है कि आशा देवी के कहने पर 21 जनवरी 2025 को उनके फोन पे नंबर पर पेटीएम के माध्यम से 50 हजार रुपये तथा 22 जनवरी 2025 को 20 हजार रुपये भेजे गए। इसके अलावा 1 लाख 20 हजार रुपये नकद राशि वाहिद अंसारी की उपस्थिति में दी गई।
सुभानी का कहना है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं हुई। जब उन्होंने कई बार आशा देवी से नौकरी के संबंध में जानकारी मांगी तो वह लगातार बहाने बनाकर टाल-मटोल करती रहीं। आरोप है कि वर्तमान में भी न तो नौकरी दिलाई गई है और न ही ली गई राशि वापस की गई है।
मो. सुभानी अंसारी ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि आशा देवी गोमिया के बीआरसी (BRC) में बीआरपी (BRP) पद पर कार्यरत हैं और अपने पद का प्रभाव दिखाकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पैसा वापस मांगने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रही है।
पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने तथा उनकी राशि वापस दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस को दिए गए आवेदन के आधार पर के दर्ज कर मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। इधर BRP आशा देवी ने भी अपने उपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।













