गोमिया (बोकारो)। जमनीजरा-जरकुंडा मुख्य सड़क स्थित कोनार डैम ऊपरी पथ पर मंगलवार की रात तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। अवैध बालू से लदे एक ट्रैक्टर और सवारियों से भरी बोलेरो की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण हादसे में बोलेरो में सवार आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें चार की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोलेरो चालक प्रेमचंद महतो सहित उसमें सवार सभी लोग बगोदर से अपने घर ग्राम चिलगो के तिलैया गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कोनार डैम ऊपरी पथ पर सामने से आ रहे बालू लदे ट्रैक्टर से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में तिलैया गांव निवासी प्रेमचंद महतो, चुरामन महतो, धनेश्वर महतो, मुकेश महतो, दीपक महतो, विशेश्वर महतो, चिंतामणी महतो तथा महेंद्र महतो शामिल हैं। इनमें से चार घायलों की स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया है, जबकि अन्य का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण दोनों वाहनों की तेज रफ्तार बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर चिदरी निवासी सुभाष साव का है, जिसमें अवैध रूप से बालू लादकर बनासों की ओर ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद बालू उठाव पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद कोनार डैम और आसपास के क्षेत्रों से होते हुए लगातार अवैध रूप से बालू का उठाव और परिवहन किया जा रहा है। रात के अंधेरे में भारी वाहनों के आवागमन से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते अवैध बालू परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाती, तो इस तरह की गंभीर दुर्घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से अवैध खनन और बालू ढुलाई पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद विष्णुगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ट्रैक्टर पर बालू का परिवहन वैध था या अवैध तथा दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं।
इस हादसे ने एक बार फिर कोनार डैम मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों, अवैध बालू परिवहन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नियमित वाहन जांच, अवैध बालू ढुलाई पर प्रभावी कार्रवाई तथा इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।














