गोमिया (बोकारो)। गोमिया क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन और तेज रफ्तार का कहर लगातार देखने को मिल रहा है। मंगलवार की रात कोनार डैम मार्ग पर अवैध बालू लदे ट्रैक्टर और बोलेरो की भीषण टक्कर में आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि बुधवार को गोमिया-होसिर मुख्य सड़क स्थित बोकारो नदी पुल पर एक और बड़ा हादसा हो गया। इस बार अवैध गिट्टी से लदा एक ट्रैक्टर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे बोकारो नदी में जा गिरा। संयोगवश चालक और उपचालक की जान बच गई, हालांकि दोनों घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार को गोमिया-होसिर मुख्य सड़क पर स्थित बोकारो नदी पुल से गुजर रहा गिट्टी लदा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते ट्रैक्टर पुल की रेलिंग तोड़कर कई फीट नीचे नदी में जा गिरा। हादसा होते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों तथा राहगीरों की भीड़ जुट गई।
स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर में फंसे चालक और उपचालक को बाहर निकाला गया। दोनों को चोटें आई हैं, जबकि चालक को मामूली चोट लगने की जानकारी मिली है। समय रहते ग्रामीणों की तत्परता से दोनों की जान बच गई, अन्यथा हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
एक दिन पहले कोनार डैम में हुआ था भीषण हादसा
गौरतलब है कि मंगलवार की रात जमनीजरा-जरकुंडा मुख्य सड़क स्थित कोनार डैम ऊपरी पथ पर अवैध बालू लदे ट्रैक्टर और सवारियों से भरी बोलेरो की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई थी। उस दुर्घटना में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए थे और प्रेमचंद महतो, चुरामन महतो, धनेश्वर महतो, मुकेश महतो, दीपक महतो, विशेश्वर महतो, चिंतामणी महतो तथा महेंद्र महतो सहित आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें चार घायलों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया, जबकि अन्य का इलाज अस्पताल में जारी है।
अवैध खनिज परिवहन पर उठ रहे गंभीर सवाल
लगातार दो दिनों के भीतर हुई इन दो बड़ी दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में अवैध बालू और गिट्टी के परिवहन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात ओवरलोड ट्रैक्टर तेज गति से सड़कों पर दौड़ते हैं। कई बार इन वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनिज ढुलाई पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे वाहन बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते सख्ती बरतता, तो लगातार हो रही ऐसी दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से अवैध बालू एवं गिट्टी के खनन और परिवहन पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई करने, ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच कराने तथा प्रमुख सड़कों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
लगातार दो दिनों में हुई इन दुर्घटनाओं ने गोमिया क्षेत्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्था, ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और अवैध खनिज परिवहन की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।














