गोमिया। गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत मध्य दुर्गा मंदिर परिसर (गंधुनिया अहरा) में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मंदिर परिसर में जमे पानी के बीच से लगातार बुलबुले निकलते हुए ग्रामीणों ने देखा। कुछ देर बाद अचानक उसी स्थान पर आग लग जाने से ग्रामीणों के होश उड़ गए। जमीन के नीचे से बुलबुले निकलने और उसके बाद आग लगने की घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है।

स्थानीय ग्रामीण कोपेश्वर यादव के अनुसार, शुक्रवार को ग्रामीणों की नजर मंदिर परिसर में जमे पानी पर पड़ी। पानी के अंदर से लगातार बुलबुले निकल रहे थे। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे सामान्य प्राकृतिक घटना समझकर नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, कुछ समय बाद अचानक उसी स्थान पर आग की लपटें दिखाई देने लगीं। आग लगते ही वहां मौजूद लोगों में कौतूहल के साथ-साथ भय का माहौल भी उत्पन्न हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर कमेटी के सदस्यों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। सूचना मिलने के बाद गोमिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद ओएनजीसी (ONGC) की टीम ने भी प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौके की स्थिति का अवलोकन करते हुए आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।

ओएनजीसी टीम और पुलिस प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र के आसपास किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ को नहीं रखने तथा लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी गई। घटना के बाद मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही और जमीन से निकल रहे बुलबुले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी से लगातार बुलबुले निकलने के बाद उसी स्थान पर आग लगी है, तो इसके कारणों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। वहीं, प्रशासन और संबंधित विशेषज्ञों द्वारा स्थल का परीक्षण किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पानी के भीतर से निकल रहे बुलबुलों का कारण क्या है और आग किस वजह से लगी।
फिलहाल मंदिर परिसर में हुई इस अनोखी घटना को लेकर ग्रामीणों में काफी कौतूहल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित स्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
घटना के दौरान मौके पर रिंकू स्वर्णकार, अंकुश भंडारी, मिथिलेश स्वर्णकार, सुनील यादव, किशोर स्वर्णकार समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।














