गोमिया: भू-माफिया के षडयंत्र के कारण अपने हिस्से की करोड़ों की जमीन खो चुकी गोमिया की एक महिला रेखा देवी मंगलवार को सरकार से जमीन वापसी और रजिस्ट्री रद्द करने की मांग को लेकर अपने दो बच्चों संग गोमिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय के बाह्य परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गई।

महिला का आरोप था कि भू-माफिया विनोद कुमार एवं रंधीर कुमार फर्जी तरीके से उसके हिस्से की जमीन को बिना उसके मर्जी उसके अन्य हिस्सेदारों (गोतिया) से कौड़ियों के भाव से रजिस्ट्री करा लिया। सरकार निष्पक्ष जांच कर न्याय करे और भू-माफियाओं से उसके हिस्से वाली जमीन वापस कराए। न्याय नहीं मिलने पर सपरिवार आत्महत्या की भी बात कही। महिला ने आरोप लगाया कि भू-माफियाओं को उसके हिस्से की जमीन की जानकारी थी बावजूद करोड़ों रुपए मूल्य की उक्त जमीन को एक षडयंत्र के तहत उसके अन्य खतियानी हिस्सेदारों से रजिस्ट्री करा लिया।
इसकी जानकारी तब हुई जब एक रोज भू-माफिया अपने गुर्गों संग मेरी जमीन पर कब्जा करने पहुंच गया। जिसके बाद आनन फानन में मोटेशन पर रोक लगाने का आवेदन अंचल कार्यालय को दिया गया। उस समय उसके पति रमेश नायक काम के सिलसिले में गोमिया से बाहर रामगढ़ में रह रहे थे। आवेदन के बाद जब अंचल कार्यालय ने मोटेशन पर रोक लगा तो भू-माफिया मेरे पति के पास रामगढ़ चले गए और उन्हें जान से मारने की धमकी देकर कोरे कागज में हस्ताक्षर करा लिया और उस कागज का गलत उपयोग कर मेरे पति के नाम से मोटेशन आपत्ति वापस लेने का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा कर मोटेशन करा लिया।
तभी से पूरा परिवार परेशान हैं, इस दौरान अंचल कार्यालय में एक के बाद एक कई आवेदन दिया,अनुमंडल से लेकर जिला तक भू-वापसी की गुहार लगाई। छानबीन शुरू हुई तो मामला फंसता देख माफिया ने जमीन रजिस्ट्री को जायज बनाने के लिए मेरे पति को एक बार फिर जान से मारने की धमकी देने लगा और शराब पिलाकर एक एग्रीमेंट पेपर पर हमारे हिस्से की 53 डिसमिल जमीन के एवज में 60 लाख रुपए देने की बात लिखवा लिया और आनन फानन में लगभग 50 लाख रुपए का चेक भी पति को दे दिया जो अब तक सुरक्षित इसलिए रखा हुआ है क्योंकि क्योंकि मुझे उस जमीन को बेचना ही नहीं है, मेरे दोनों बच्चों का भविष्य उसी भूमि के टुकड़े पर टिका है। इस बात को भी माफियों द्वारा उसके पति को अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए किसी को बताने से मना कर दिया था। बाद में जब उसे इसकी जानकारी हुई तो पति से पूछने से पर पता चला कि जान से मारने की धमकी देने के कारण उसने छुपाया था।
वैसे तत्काल गोमिया सीओ आफताब आलम द्वारा महिला को न्याय दिलाने के मिले आश्वासन के बाद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बच्चों संग बैठी महिला ने हड़ताल वापस ले लिया है।














