आईईएल थाना के बाद अब बोकारो एसपी से शिकायत, 25 महीने में पैसा डबल करने के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप

गोमिया: गोमिया बैंक मोड़ स्थित डोली पैलेस में पूर्व संचालित कथित निवेश कंपनी “डोलो ट्रेड” एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले भी इस कंपनी के खिलाफ निवेशकों द्वारा करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए आईईएल थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अब दोबारा बड़ी संख्या में निवेशकों ने पुनः आईईएल थाना और बोकारो एसपी को आवेदन देकर कंपनी के संचालकों, पार्टनर्स और स्थानीय एजेंटों के विरुद्ध कड़ी और बड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि “डोलो ट्रेड” नामक फर्जी निवेश फर्म ने 25 महीने में पैसा दोगुना करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की है। निवेशकों ने कहा कि शुरुआत में कुछ महीनों तक कंपनी द्वारा निवेशकों को रकम लौटाकर भरोसा दिलाया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर उक्त कार्यालय और फोन तक बंद कर दिए गए।
25 महीने में पैसा डबल करने का झांसा
तेनु रोड निवासी 67 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद ने आईईएल थाने और बोकारो एसपी को दिए आवेदन में बताया है कि वर्ष 2020 से गोमिया के स्थानीय लोगों द्वारा पार्टनरशिप में “डोलो ट्रेड” नामक फर्म चलाई जा रही थी। कंपनी निवेशकों से यह कहकर पैसा जमा करवाती थी कि 25 महीने तक हर महीने 8 प्रतिशत रिटर्न दिया जाएगा, जिससे मूलधन दोगुना हो जाएगा।
शिकायत के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक लाख रुपये निवेश करता था तो कंपनी हर महीने आठ हजार रुपये देने का वादा करती थी। इस तरह 25 महीने में दो लाख रुपये लौटाने का एग्रीमेंट कराया जाता था।
निवेशकों का आरोप है कि कंपनी के संचालक और एजेंट घर-घर जाकर लोगों को भरोसे में लेते थे और अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते थे। शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान कर विश्वास कायम किया गया, लेकिन बाद में पूरा नेटवर्क बंद कर दिया गया।
रिटायरमेंट की जमा पूंजी भी फंसी
राजेंद्र प्रसाद ने आवेदन में बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी सरस्वती देवी ने कुल 11 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए थे। इसमें सात लाख रुपये बैंक के माध्यम से और चार लाख रुपये नगद दिए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि तय समय बीत जाने के बावजूद न तो मुनाफा मिला और न ही मूलधन वापस किया गया। उनका कहना है कि उनकी पूरी रिटायरमेंट की पूंजी इस फर्जी निवेश योजना में फंस गई। आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट, चेक और एग्रीमेंट की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।
कई अन्य निवेशकों ने भी लगाए ठगी के आरोप
शिकायत पत्र में कई अन्य निवेशकों के नाम और निवेश राशि का भी उल्लेख किया गया है। इनमें शंकर प्रजापति एवं उनकी पत्नी अंकिता प्रजापति से साढ़े सात लाख रुपये, सुभाष चंद्र महतो से दस लाख रुपये सहित कई अन्य लोगों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की ठगी का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा कथारा, बीटीपीएस, फुसरो, पलामू और गोमिया क्षेत्र के कई लोगों द्वारा भी निवेश के नाम पर रकम फंसने की बात कही गई है। निवेशकों का दावा है कि मामले में पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इन लोगों पर लगाया गया आरोप
आवेदन में जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें गोमिया करमाली टोला निवासी पिंकी देवी, नरेश करमाली, राहुल करमाली, सूर्यदेव प्रजापति, विनय कुमार, वसंत करमाली और सरस करमाली के नाम शामिल हैं।
निवेशकों ने आरोप लगाया है कि सभी लोग संगठित तरीके से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते थे और फर्जी दस्तावेज एवं एग्रीमेंट तैयार कर भरोसा दिलाते थे।

पहले भी हुई थी शिकायत
बताया जा रहा है कि इससे पहले 24 अक्टूबर को भी दर्जनों निवेशकों ने आईईएल थाना में इस कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय भी निवेशकों ने करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया था।
स्वांग निवासी नीरज कुमार साहू, कथारा निवासी नवीन कुमार और गोमिया निवासी सौरभ कुमार समेत कई लोगों ने तत्कालीन थाना प्रभारी प्रफुल्ल महतो को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उन्हें अधिक ब्याज और जल्दी पैसा दोगुना होने का लालच देकर निवेश कराया गया। कुछ महीनों तक भुगतान करने के बाद कंपनी ने पैसा देना बंद कर दिया और कार्यालय भी बंद कर दिए गए।
गोमिया में अब भी सक्रिय हैं कई संदिग्ध निवेश कंपनियां
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोमिया क्षेत्र में पहले भी वेलफेयर, यावारिश और सहारा इंडिया जैसी कंपनियों के जरिए लोगों से बड़ी रकम जमा कराई गई थी। अब डोलो ट्रेड के सामने आने के बाद ग्रामीणों में फिर डर का माहौल है।
जानकारी के अनुसार बाहुबली और बिरसा नामक कुछ अन्य निवेश कंपनियों की गतिविधियों को लेकर भी क्षेत्र में चर्चाएं हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे फर्जी निवेश नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने जांच तेज करने की कही बात
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। आईईएल थाना प्रभारी एसके मंडल ने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर निवेशकों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की है।












