गोमिया। बोकारो जिले के आईईएल थाना क्षेत्र अंतर्गत पलिहारी गुरूडीह में जमीन विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। जारंगडीह निवासी एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी दखल देहानी वाली भूमि पर 50 हजार रुपये की रंगदारी नहीं देने के कारण आरोपियों ने जेसीबी मशीन लगाकर उसकी चारदीवारी और लोहे का गेट तोड़कर जमीन को समतल कर दिया। महिला ने इस मामले में आईईएल थाना में लिखित शिकायत देकर चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जारंगडीह निवासी सुमित्रा देवी (55 वर्ष), पति लचुमन सुरी ने अपने आवेदन में बताया है कि मौजा पलिहारी गुरूडीह स्थित खाता संख्या-196, प्लॉट संख्या-1470, रकवा चार डिसमिल भूमि उनकी खरीदी हुई संपत्ति है। जमीन खरीदने के बाद इस भूमि को लेकर पलिहारी गुरूडीह निवासी आशा देवी के साथ वर्षों तक न्यायालय में विवाद चला। इस संबंध में ओ.एस. संख्या-110/2016 का मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा, जिसमें अंततः सब जज, बेरमो (तेनुघाट) की अदालत से उनके पक्ष में डिग्री पारित हुई।
इसके बावजूद जब उन्हें जमीन पर कब्जा लेने में बाधा उत्पन्न की गई तो उन्होंने दखल देहानी (एक्जीक्यूशन) केस संख्या-28/2019 दायर किया। न्यायालय के आदेश के बाद अंचल प्रशासन और आईईएल थाना पुलिस की मौजूदगी में 12 जून 2022 को उन्हें उक्त भूमि पर विधिवत दखल दिलाया गया। इसके बाद उन्होंने अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण कराया तथा मुख्य प्रवेश द्वार पर लोहे का गेट लगाकर वर्षों से कब्जे में रह रही थीं।

महिला का आरोप है कि 12 जुलाई 2026 को पलिहारी गुरूडीह निवासी आशा देवी, सुधीर विश्वकर्मा, अमरदीप विश्वकर्मा तथा विवेक कुमार डे ने उनसे 50 हजार रुपये की रंगदारी की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया तो सभी आरोपियों ने कथित रूप से जेसीबी मशीन लगाकर उनकी चारदीवारी और गेट को ध्वस्त कर दिया तथा पूरी जमीन को समतल कर दिया।
सुमित्रा देवी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर वह अपने पति के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां मौजूद आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और मारपीट करने पर उतारू हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें जमीन पर दोबारा किसी प्रकार का निर्माण नहीं करने देने तथा निर्माण कराने की स्थिति में जान से मारने की धमकी भी दी गई। भय के कारण वह किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई।
महिला ने अपने आवेदन में कहा है कि न्यायालय से डिग्री प्राप्त होने और प्रशासन द्वारा विधिवत दखल दिलाए जाने के बावजूद इस प्रकार उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और रंगदारी की मांग करना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इधर आईईएल थाना प्रभारी श्यामल मंडल ने बताया है कि पुलिस ने महिला की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। कहा कि आवेदन में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। मामले की सत्यता और घटनाक्रम की पुष्टि के लिए पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है।












