गोमिया। बेरमो अनुमंडल के तेनुघाट ओपी क्षेत्र के तेनुघाट नंबर-02 निवासी सह होसिर उछ विद्यालय के प्रधानाचार्य ललन प्रसाद ने अपने पूर्व छात्र अजय रविदास पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए तेनुघाट ओपी में केस दर्ज कराया है।

पूर्व छात्र पर भरोसा पड़ा भारी
आवेदन में ललन प्रसाद ने बताया है कि अजय रविदास, जो कभी उनके विद्यालय में छात्र था, उसने जरूरी कार्य का हवाला देकर उनसे आर्थिक मदद मांगी थी। अजय की बातों पर भरोसा करते हुए उन्होंने स्वयं तथा अपने रिश्तेदारों के माध्यम से विभिन्न तिथियों में उसके बैंक खातों में कुल 6 लाख 58 हजार 400 रुपये भेजे।
तीन बैंक खातों में भेजी गई राशि
प्राचार्य के अनुसार वर्ष 2017 से 2018 के बीच यह राशि अजय रविदास के विभिन्न बैंक खातों में जमा कराई गई। इनमें बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक तथा पंजाब नेशनल बैंक के खाते शामिल हैं। उनका कहना है कि साक्ष्य के तौर पर बैंक के सभी लेन-देन के बैंक जमा पर्ची और अन्य दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं।
केवल 64 हजार लौटाए, शेष 5.94 लाख अब भी बकाया
ललन प्रसाद के मुताबिक अजय रविदास ने अब तक फोन-पे एवं नकद के माध्यम से मात्र 64 हजार रुपये ही वापस किए हैं। इसके बाद भी 5 लाख 94 हजार 400 रुपये बकाया हैं। कई बार मौखिक आग्रह तथा अधिवक्ता के माध्यम से उसके पास कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद राशि वापस नहीं की गई।
नोटिस के बाद भी मिलता रहा आश्वासन
आवेदन में कहा गया है कि आरोपी लगातार पैसा लौटाने का आश्वासन देता रहा, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया। वादी का आरोप है कि हर बार बहाने बनाकर मामले को टालने की कोशिश की गई।
रुपये मांगने पर दी झूठे मुकदमे की धमकी
प्राचार्य ने आरोप लगाया है कि 20 मई 2026 को जब उन्होंने बकाया राशि की मांग की तो अजय रविदास ने साफ तौर पर पैसा देने से इंकार कर दिया। साथ ही दोबारा पैसे की मांग करने या कानूनी कार्रवाई करने पर एससी/एसटी एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी।
ईसीएल में पदस्थापित होने की जानकारी
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उनके अनुसार अजय रविदास वर्तमान में ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के कजोरा कोलियरी महाप्रबंधक कार्यालय, दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) में एमटी पद पर कार्यरत है।
जांच और कार्रवाई की मांग
प्राचार्य ललन प्रसाद ने तेनुघाट ओपी प्रभारी भजनलाल महतो से मामले की निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने तथा बकाया राशि दिलाने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।












