गोमिया: बेरमो अनुमंडल के तेनुघाट ओपी क्षेत्र अंतर्गत गोमिया प्रखंड के पलानी गांव में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मोतीम अंसारी के घर से प्रतिबंधित मांस एवं अवशेष बरामद होने की सूचना फैल गई। घटना के बाद क्षेत्र में दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मामले को लेकर हिंदू समुदाय के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी एवं कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनोज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रविंद्र सिंह, गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, अंचलाधिकारी आफताब आलम समेत गोमिया, आईईएल, चतरोचट्टी, बोकारो थर्मल, हरला थाना, तेनुघाट ओपी तथा कथारा ओपी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों से वार्ता कर लोगों को शांत कराया। पुलिस ने बरामद मांस एवं अवशेष को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया तथा संबंधित आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
घटना के बाद मामले ने एक और मोड़ ले लिया। हिन्दू पक्ष के राजेश यादव की ओर से आरोप लगाया गया कि मुस्लिम पक्ष के उग्र भीड़ उनके घर को घेरकर उन्हें निशाना बनाया तथा जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में पीड़ित राजेश यादव ने तेनुघाट ओपी में लिखित शिकायत देते हुए 9 नामजद एवं 70-80 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।

हिंदू संगठनों ने जताया आक्रोश
घटना की जानकारी मिलने पर विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि वो वंशीय पशुओं की हत्या जानबूझकर हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से की गई है। संगठनों ने प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
विहिप ने लगाया झारखंड गोवंश हत्या प्रतिषेध अधिनियम के उल्लंघन का आरोप
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सेवा सह प्रमुख विनय कुमार ने कहा कि बेरमो अनुमंडल के तेनुघाट ओपी क्षेत्र में लगातार झारखंड राज्य गोवंश हत्या प्रतिषेध अधिनियम का उल्लंघन हो रहा है, जिससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को समाप्त कर दिया जाता है, जबकि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं हो पाती।
उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों से पहले आयोजित होने वाली शांति समिति की बैठकें भी केवल औपचारिकता बनकर रह गई हैं, जिसके कारण इस प्रकार की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। विनय कुमार ने बोकारो पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच एवं कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की
बेरमो अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनोज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रविंद्र सिंह, गोमिया बीडीओ महादेव कुमार महतो, अंचलाधिकारी आफताब आलम सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आगामी मुहर्रम पर्व को लेकर क्षेत्र में एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


















