गोमिया: गोमिया प्रखंड के आईईएल थाना क्षेत्र से एक युवती के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। युवती 27 अप्रैल को घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद वह वापस नहीं लौटी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में चिंता का माहौल है।

परिजनों के अनुसार युवती रोज की तरह ट्यूशन के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर उसकी तलाश शुरू की गई। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर 28 अप्रैल को आईईएल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।
थाना प्रभारी श्यामल मंडल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और युवती की तलाश में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इसी प्रकार गोमिया प्रखंड के गोमिया थाना क्षेत्र में भी एक युवती बीते 25 अप्रैल को घर से बाजार जाने के नाम पर निकली जो अब तक लापता है, उसके परिजनों ने 26 अप्रैल को अज्ञात के खिलाफ गलत नियत से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज कराया है। इधर, मामले को लेकर गोमिया थाना प्रभारी प्रफुल्ल महतो ने बताया कि पुलिस टेकनिकल सेल के माध्यम से युवती की पड़ताल में जुटी है। जिसे जल्द बरामद कर लिया जाएगा।
घटना के बाद इलाके में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
इधर प्रखंड के ही जगेश्वर विहार थाना क्षेत्र के ही कुलदीप महतो ने अपनी पत्नी रीता देवी के लापता होने और गया बिहार के एक युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए थाना में प्राथमिकी दर्ज कराया है।
कुलदीप महतो का कहना है कि उसके दो बच्चे भी हैं। पिछले कुछ समय से उनकी पत्नी का व्यवहार में अचानक बदलाव आया और वह छोटी-छोटी बात पर झगड़ा करने लगी। पिछले 20 मार्च 2025 को शाम करीब 4 बजे उनकी पत्नी बिना किसी को कुछ कहे घर से निकल गई और वापस नहीं लौटी। जिसका काफी खोजबीन किया लेकिन कुछ पता नहीं चला। फिर उन्होंने जगेश्वर विहार थाना में गुमशुदगी की सूचना दी।
30 मार्च 2026 को उनकी पत्नी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उनके रिश्तेदारों से संपर्क किया और मई महीने में लौटने की बात कही। इसी दौरान पता चला कि वह एक मोबाइल नंबर के जरिए लगातार गया बिहार के किसी व्यक्ति से बात कर रही है। जब उसने कल मिलाया तो मोबाइल स्विचऑफ कर दिया।
तत्पश्चात उन्होंने 28 अप्रैल को पुलिस को आवेदन देकर मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनकी पत्नी को बरामद करने की मांग की है।
इस संबंध में जगेश्वर विहार थाना थाना प्रभारी प्रकाश यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं चतरोचट्टी थाना क्षेत्र निवासी रति महतो (62) ने भी बीते 28 अप्रैल को अपनी बहू के लापता होने को लेकर चतरोचट्टी थाना में आवेदन देकर खोजबीन की गुहार लगाई है।
उन्होंने बताया कि उनकी बहू तेजन्ती देवी, पति रवि रंजन महतो दिनांक 27 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 4 बजे घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद से अब तक वापस घर नहीं लौटी है। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों का कहना है कि उसका पुत्र रवि प्रवासी मजदुर है जो बाहर प्रदेश में मजदूरी का काम करते है, तेजन्ती देवी अपना पुराना मोबाइल घर पर ही छोड़ गई है, जबकि एक अन्य मोबाइल अपने साथ लेकर गई है, जिसका नंबर परिवार को ज्ञात नहीं है। परिवार वालों ने अपने सभी रिश्तेदारों एवं परिचितों के यहां पता किया, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद परिजनों ने चतरोचट्टी थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देकर महिला की बरामदगी की मांग की है।
चतरोचट्टी थाना प्रभारी शशि शेखर ने बताया कि पुलिस आवेदन के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और लापता महिला की तलाश की जा रही है।
महिलाओं के प्रति बढ़ता अपराध चिंता का विषय
महिलाओं के प्रति बढ़ता अपराध आज समाज के सामने एक गंभीर और चिंताजनक चुनौती बन चुका है। यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सोच, संस्कृति और मानसिकता से जुड़ा हुआ विषय है।
आज के समय में छेड़खानी, दुष्कर्म, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मानव तस्करी जैसे अपराध लगातार सामने आ रहे हैं। इन घटनाओं से न केवल पीड़ित महिलाओं का जीवन प्रभावित होता है, बल्कि पूरे समाज में असुरक्षा का माहौल बनता है।
इस समस्या के पीछे कई कारण हैं। सबसे प्रमुख कारण है महिलाओं के प्रति असमान और संकीर्ण सोच। कई जगहों पर आज भी महिलाओं को पुरुषों से कमतर समझा जाता है। इसके अलावा शिक्षा की कमी, कानून का डर न होना, शराब व नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल भी अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं।
हालांकि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सख्त कानून बनाए हैं, जैसे निर्भया कांड के बाद कानूनों में संशोधन, महिला हेल्पलाइन (1091), फास्ट ट्रैक कोर्ट आदि। लेकिन केवल कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होती, जब तक उनका सही तरीके से पालन न हो।
इस स्थिति को सुधारने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।















