गोमिया: गोमिया प्रखंड के चुट्टे पंचायत अंतर्गत खरना गांव में विषैले सांप के काटने से सात वर्षीय मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में शोक की लहर है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मासूम अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से मां, दादी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, खरना गांव निवासी सह प्रवासी मजदूर लोकनाथ महतो का सात वर्षीय इकलौता पुत्र प्रिंस कुमार गुरुवार की देर रात घर में चौकी पर सोया हुआ था। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने उसे काट लिया। बताया जाता है कि सांप के काटने का अहसास उस समय मासूम को नहीं हुआ और वह रात में सोता रहा।
शुक्रवार की सुबह उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत खराब होते देख परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए विष्णुगढ़ अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल हजारीबाग रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर हजारीबाग पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद प्रिंस की मौत की पुष्टि कर दी।
बताया गया कि विष्णुगढ़ अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने परिजनों को किसी विषैले जीव के काटने की आशंका जताई थी। इसके बाद जब परिजनों ने घर में खोजबीन की तो एक करैत सांप भी मिला। इसके बाद परिजनों को आशंका हुई कि रात में सोने के दौरान इसी विषैले सांप ने प्रिंस को डंसा होगा।

महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं पिता
मृतक प्रिंस के पिता लोकनाथ महतो महाराष्ट्र में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करते हैं। पुत्र की तबीयत बिगड़ने और मौत की सूचना मिलने के बाद वह महाराष्ट्र से अपने घर के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों के अनुसार, शनिवार को वे घर पहुंचेंगे। इकलौते बेटे की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। जिस बच्चे के भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे, उसकी अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं।
मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल
प्रिंस की मौत के बाद उसकी मां पूनम कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की मौत का सदमा वह संभाल नहीं पा रही हैं। वहीं दादी बसवा देवी भी अपने पोते को याद कर लगातार विलाप कर रही हैं। बड़े पिता नीलकंठ महतो समेत परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के लिए सबसे पीड़ादायक बात यह है कि मासूम की मौत इतनी अचानक हुई कि उन्हें उसे बचाने का पर्याप्त मौका तक नहीं मिल सका। रात में चौकी पर सो रहा प्रिंस सुबह तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने लगा और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार, घटना ने गांव के लोगों को भी झकझोर दिया है। मासूम की मौत के बाद खरना गांव में मातम का माहौल है। लोग शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस को नहीं दिए जाने की बात सामने आई है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों के बीच इस घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।
















