गोमिया। गोमिया थाना क्षेत्र के न्यू माइन्स स्वांग में वर्ष 2024 में हुई सीसीएल कर्मी प्रदीप कुमार सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसकी पत्नी खुशबु देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, खुशबु देवी को उसके मायके से गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने उसे पति की हत्या मामले में मुख्य साजिशकर्ता सह आरोपी बताया है।

फॉरेंसिक जांच में मिला था जहरीला पदार्थ
गौरतलब है कि 29 जून 2024 को न्यू माइन्स स्वांग निवासी प्रदीप कुमार सिंह (लगभग 27 वर्ष), पिता तिलक सिंह, सीसीएल वीटीसी प्रशिक्षण से लौटने के बाद घर में खाना खाकर अपने कमरे में सो गए थे। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे उनकी पत्नी खुशबु देवी के उठने के बाद प्रदीप की मौत की जानकारी सामने आई थी।
घटना के बाद गोमिया थाना में यूडी कांड संख्या 16/24, दिनांक 30 जून 2024 दर्ज किया गया था। प्रारंभिक तौर पर मौत को संदिग्ध/आकस्मिक मानकर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच की जिम्मेदारी पुअनि मनीष कुमार को दी गई थी।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मृतक की पत्नी एवं अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। शव का पोस्टमार्टम अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट में कराया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षित किए गए विसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, होटवार, रांची भेजा गया था।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला से प्राप्त जांच प्रतिवेदन DFSL No.-3067/2024, दिनांक 05 नवंबर 2024 में मृतक के विसरा में एल्युमिनियम फॉस्फाइड नामक अत्यधिक जहरीला पदार्थ पाए जाने की बात सामने आई थी।
इसके बाद अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट के उपाधीक्षक ने पत्रांक 454, दिनांक 18 सितंबर 2025 को दिए अपने चिकित्सकीय मंतव्य में प्रदीप कुमार सिंह की मृत्यु का कारण जहर का सेवन होना बताया था।
गवाहों के बयान ने जांच को दी नई दिशा
पुलिस जांच के दौरान कुलदीप कुमार, गीता देवी, विमला देवी, मंजु देवी, गुड़िया कुमारी और पूनम देवी समेत अन्य लोगों के बयान लिए गए। पुलिस आवेदन के अनुसार, इन गवाहों ने अपने बयानों में प्रदीप को उसकी पत्नी खुशबु देवी द्वारा कथित रूप से जहर देकर मारने का आरोप लगाया था।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के समय पति-पत्नी घर में मौजूद थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि और गवाहों के बयानों के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के कोण से आगे बढ़ाया।
पुलिस अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दिया था आवेदन
मामले की जांच के बाद गोमिया थाना में पदस्थापित सअनि सुरेश टोप्पो ने थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर खुशबु देवी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था। आवेदन में फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय मंतव्य और गवाहों के बयानों को जांच के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
अब पुलिस ने इसी मामले में कार्रवाई करते हुए खुशबु देवी को सोमवार को उसके मायके ठेठैया से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दो साल बाद मामले में हुई अहम कार्रवाई
प्रदीप कुमार सिंह की मौत के करीब दो वर्ष बाद मामले में हुई इस गिरफ्तारी को पुलिस जांच की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। प्रारंभ में यूडी कांड के रूप में दर्ज मामले में फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण को लेकर तस्वीर स्पष्ट हुई और पुलिस ने हत्या की आशंका की दिशा में जांच आगे बढ़ाई।
हालांकि, पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगी। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप फिलहाल पुलिस जांच एवं केस रिकॉर्ड पर आधारित हैं।















