गोमिया। आईईएल थाना क्षेत्र अंतर्गत ससबेड़ा पूर्वी पंचायत के जोबेड़ा गांव निवासी 64 वर्षीय मुंद्रिका यादव के कोनार नदी के तेज बहाव में बहने के 24 घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बुधवार की सुबह नदी पार करने के दौरान वह तेज धार की चपेट में आकर बह गए थे। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों द्वारा लगातार उनकी तलाश की जा रही थी, लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिली थी। जिसके बाद गोताखोर की टीम वापस लौट गई।
बता दें कि मुंद्रिका यादव मंगलवार की शाम कोनार नदी पार कर बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के गंडके गांव में करमा पर्व के अवसर पर आयोजित झूमर कार्यक्रम एवं विसर्जन देखने गए थे। बुधवार की सुबह वह वापस अपने गांव जोबेड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान कोनार नदी पार करते समय अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में बहकर लापता हो गए।
घटना के समय नदी के कुछ दूरी पर मछली पकड़ रहे युवकों ने उन्हें बहते हुए देखा था। युवकों ने तत्काल उन्हें बचाने के लिए घटनास्थल की ओर पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक मुंद्रिका यादव तेज बहाव में डूबकर लापता हो चुके थे। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस को दी।

ग्रामीण लगातार कर रहे खोजबीन
घटना की सूचना मिलने के बाद आईईएल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। थाना प्रभारी श्यामल मंडल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से नदी से दूर रहने की सलाह दी। इसके बाद गोताखोरों की टीम को बुलाकर नदी में खोज अभियान शुरू कराया गया।
मुंद्रिका यादव के पुत्र प्रदीप यादव, जयनाथ गोप सहित परिजन और आसपास के ग्रामीण भी लगातार नदी के किनारे संभावित स्थानों पर उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। नदी की धार, आसपास के किनारे और आगे के संभावित बहाव वाले क्षेत्रों में भी खोजबीन की जा रही है।
बारिश और तेज बहाव से अभियान में परेशानी
लगातार बारिश के कारण कोनार नदी में पानी का बहाव तेज रहने से तलाशी अभियान में काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन की सूचना पर कोनार डैम के फाटक को बंद कराया गया था, जिसके बाद नदी के बहाव में कुछ कमी आने की बात कही गई थी। इसके बावजूद नदी में पानी और धार की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण गोताखोरों को भी सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का अनुमान है कि तेज बहाव के कारण मुंद्रिका यादव घटना स्थल से काफी दूर तक बह गए होंगे। ग्रामीण अशोक यादव सहित अन्य लोगों ने आशंका जताई है कि नदी की धार उन्हें सीसीएल की कारो सीम की ओर ले गई होगी। इसी संभावना को देखते हुए आसपास के नदी क्षेत्र में भी खोजबीन की जा रही है।

परिवार में चिंता का माहौल
मुंद्रिका यादव के लापता होने के 24 घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। उनकी पत्नी मंगरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन लगातार नदी किनारे पहुंचकर उनके मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
वहीं, घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में खोज अभियान में सहयोग कर रहे हैं। गुरुवार को भी पुलिस और ग्रामीणों के द्वारा संभावित स्थानों पर तलाश जारी है। ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि नदी का बहाव कम होने के बाद खोज अभियान में और तेजी लाई जा सके और लापता बुजुर्ग का पता चल सके। गुरुवार को खबर लिखे जाने तक गोताखोरों की टीम घटनास्थल नहीं पहुंची है…
















