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Gomia: दुर्गापूजा में मिठाइयों की गुणवत्ता पर उठे सवाल, गोमिया में खाद्य सुरक्षा जांच की मांग

मिलावटी मिठाइयों और खराब खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने की जरूरत, त्योहार के दौरान विभागीय सक्रियता पर लोगों ने उठाए सवाल

गोमिया। शारदीय नवरात्र के प्रारंभ होते ही गोमिया, स्वांग, हजारी, साड़म और तेनुघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में दुर्गापूजा की धूम मची हुई है। विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। पूजा पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, वहीं विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेलों में भी हजारों की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। त्योहार के इस माहौल में मिठाई की दुकानों, होटलों, नाश्ते की दुकानों और अन्य खानपान प्रतिष्ठानों में ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।

त्योहार के दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री की खरीदारी करते हैं। मेले में आने वाले लोग परिवार के साथ होटलों और खानपान प्रतिष्ठानों में भोजन भी करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित मिष्टान भोजनादी मिल सके।

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बढ़ती मांग के बीच मिलावट की आशंका

दुर्गापूजा और मेले के दौरान मिठाइयों की बिक्री में काफी बढ़ोतरी होती है। इस दौरान खोया, लड्डू, पेड़ा, रसगुल्ला, बर्फी, गुलाब जामुन, पनीर और अन्य मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में यदि मिठाइयों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाए, तो लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से कुछ कारोबारी खराब गुणवत्ता वाली मिठाइयां बेचते हैं। वहीं, बासी मिठाइयों या खाद्य सामग्री का दोबारा इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ प्रतिष्ठानों में बची हुई खाद्य सामग्री को दोबारा उपयोग में लाने की आशंका रहती है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दुकानों की जांच और खाद्य पदार्थों के नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण आवश्यक है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच अभियान चलाया जाए, तो खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

होटलों और मिठाई दुकानों की जांच की मांग

गोमिया और आसपास के क्षेत्रों में दुर्गापूजा के अवसर पर कई स्थानों पर मेले और अस्थायी खानपान प्रतिष्ठान भी लगाए जाते हैं। इन जगहों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्राहक पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाई की दुकानों, होटलों, नाश्ते की दुकानों और अस्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करनी चाहिए।

जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण एवं भंडारण की स्थिति, साफ-सफाई, इस्तेमाल किए जा रहे तेल और अन्य सामग्री की गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों की पड़ताल की जानी चाहिए। संदेहास्पद मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाना चाहिए। यदि जांच में मिलावट या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि केवल त्योहार के समय औपचारिक जांच करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। खाद्य सुरक्षा विभाग को समय-समय पर अभियान चलाकर दुकानों और होटलों की स्थिति का जायजा लेना चाहिए, ताकि कारोबारियों में नियमों के पालन के प्रति जिम्मेदारी बनी रहे।

शहरों तक सीमित कार्रवाई होने का आरोप

गोमिया प्रखंड भाजपा के पूर्व प्रखंड संयोजक जितेंद्र शर्मा ने खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग कभी-कभार कार्रवाई जरूर करता है, लेकिन ऐसी कार्रवाई बोकारो और चंदनकियारी जैसे शहरों तक ही सीमित दिखाई देती है। गोमिया क्षेत्र में भी कई होटल और खानपान प्रतिष्ठान हैं, जहां खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में विभाग को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। मिठाई दुकानों और होटलों में नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके। उन्होंने संबंधित विभाग से गोमिया क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाने की मांग की।

खराब मिठाइयों के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग

विश्व हिंदू परिषद के नेता विनय कुमार ने भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ मिठाई कारोबारी खराब मिठाइयों को दोबारा इस्तेमाल कर अपना कारोबार चलाते हैं। इसके अलावा, कई होटलों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने की शिकायतें भी हैं।

उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मिठाई और भोजन खरीदते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। विभाग को दुकानों और होटलों की जांच कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्राहकों को खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री न बेची जाए। उन्होंने मांग की कि मिठाइयों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मेले में तंबाकू और पान मसाला की बिक्री पर भी नजर जरूरी

दुर्गापूजा के दौरान विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेलों में खानपान की दुकानों के साथ तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला बेचने वाले दुकानदार भी नजर आते हैं। ऐसे में इन उत्पादों की बिक्री पर भी संबंधित विभागों को निगरानी रखनी चाहिए। खासकर प्रतिबंधित उत्पादों, नकली सामान और नियमों के विरुद्ध बिक्री की जांच जरूरी है।

प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मेले में लागू नियमों का पालन हो और किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित उत्पादों की अवैध बिक्री नहीं की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

श्रद्धालुओं की सेहत की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी

दुर्गापूजा आस्था, श्रद्धा और उल्लास का पर्व है। इस दौरान हजारों लोग पूजा पंडालों और मेलों में पहुंचते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना प्रशासन तथा संबंधित विभागों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट या खराब सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें मिलती हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहार के दौरान गोमिया, स्वांग, हजारी, साड़म और तेनुघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाएगा। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग लोगों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाता है।

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