बारिश से बचने के लिए मंदिर परिसर में खड़े थे लोग, तेज आवाज के साथ गिरी बिजली; पेड़ की डाली टूटी और झुलसा हिस्सा

गोमिया। गोमिया प्रखंड के साड़म बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर परिसर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बारिश के दौरान अचानक तेज आवाज के साथ मंदिर परिसर में स्थित एक विशाल पीपल के पेड़ पर वज्रपात हो गया। वज्रपात इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई। हालांकि, गनीमत रही कि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बताया जाता है कि रविवार को क्षेत्र में बारिश हो रही थी। बारिश से बचने के लिए कुछ लोग संकट मोचन मंदिर परिसर में खड़े थे। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली पीपल के पेड़ पर आ गिरी। वज्रपात की तेज आवाज सुनकर मंदिर परिसर में मौजूद लोग सहम गए और सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे।

वज्रपात के कारण पीपल के पेड़ की एक छोटी डाली टूटकर नीचे गिर गई, जबकि पेड़ का कुछ हिस्सा झुलसकर सूख गया। घटना के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पेड़ के क्षतिग्रस्त होने से वज्रपात की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस समय पेड़ पर वज्रपात हुआ, उस वक्त मंदिर परिसर में कई लोग बारिश से बचने के लिए मौजूद थे। यदि बिजली गिरने का स्थान कुछ अलग होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। लोगों ने इसे ईश्वर की कृपा बताया कि वज्रपात के बावजूद किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में जुट गई। लोग आपस में घटना को लेकर चर्चा करते नजर आए। बारिश के दौरान मंदिर परिसर में वज्रपात की घटना से लोगों में मौसम को लेकर भी सतर्कता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों से खुले स्थान, पेड़ तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की अपील की है। साथ ही लोगों से मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।















