मुख्य बिंदु:

भीषण गर्मी और पानी के संकट के कारण कसवागढ़ के ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग जाम किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान IEPL Orica कंपनी की वाहनों और कर्मचारियों को काम पर जाने से रोका गया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल पीने के पानी की उपलब्धता की मांग की है।
भीषण गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

गोमिया में अप्रैल के महीने में तापमान के 40 डिग्री के करीब पहुंचने के साथ ही क्षेत्र में पानी की किल्लत गहरा गई है। कसवागढ़ के स्थानीय रेखा देवी, मो. गौहर अंसारी, गंगो देवी, सुमित्रा देवी, संगीता कुमारी, सीताराम साहू, गुलाम सरवर, राधा देवी आदि दर्जनों ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पीने और दैनिक कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति नहीं मिल रही है। जबकि कई स्थानों पर पानी दिनरात बेकार बह रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओंर से तख्तियां लेकर ओरिका कंपनी प्रबंधन के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई

चक्का जाम से थमी कंपनी की रफ्तार
गोमिया प्रखंड आईईएल थानांतर्गत कसवागढ़ तालाब के पास गुरुवार सुबह सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने आईईपीएल ओरिका बारूद कारखाना जाने वाली आईईएल-करमाटांड मुख्य सड़क पर चक्का जाम कर दिया और ड्यूटी पर जा रहे कंपनी के अधिकारीयों / कर्मचारियों और उनके निजी वाहनों को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया, जिससे सामान्य ड्यूटी के कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके, जिससे कंपनी में काम-काज प्रभावित होने का अनुमान जताया जा रहा है। हालांकि इस दौरान प्रदर्शकारियों द्वारा आम-आवाम, राहगीरों और सामान्य परिचालन को जाम से मुक्त रखा गया। जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों और आईईपीएल ओरिका कंपनी के अधिकारियों के बीच मामूली नोकझोंक भी देखने को मिली। बीच बचाव करने आए कंपनी के निजी सुरक्षाकर्मियों को भी ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा है।

प्रशासन का आश्वासन
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय आईईएल थाना पुलिस और प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ वार्ता का प्रयास किया लेकिन अपनी मांगे पूरी तरह नहीं माने जाने और प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों के बीच लिखित आश्वासन देने की मांग पर प्रदर्शनकारी अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि बंद कमरे में कोई वार्ता या समझौता नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी के सीएसआर रुल को अक्षरशः पालन और पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
इधर, कंपनी प्रबंधन ने मीडियाकर्मियों से बात करने से इनकार किया है।
जाम की स्थिति भी यथावत बनी हुई है…















