गोमिया। गोमिया प्रखंड के पचमो पंचायत अंतर्गत झुमरा पहाड़ क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक घटना में भालू के हमले से 70 वर्षीय बुजुर्ग बद्री महतो गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घायल बुजुर्ग का इलाज गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चल रहा है, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार झुमरा पहाड़ निवासी बद्री महतो को सूचना मिली थी कि उनकी गाय जंगल क्षेत्र में बच्चा दी है। इसी सूचना पर वे अपने घर से लगभग एक किलोमीटर दूर जंगल की ओर चले गए। इसी दौरान भीषण गर्मी के कारण पानी की तलाश में एक भालू समीप स्थित नाले की ओर पहुंचा हुआ था। जंगल के भीतर अचानक आमना-सामना होने पर भालू ने बुजुर्ग पर हमला कर दिया।
छाती, हाथ और पैर में गंभीर जख्म
घायल बद्री महतो ने बताया कि वे जंगल में अपने मवेशी को देखने गए थे। तभी अचानक झाड़ियों के बीच से भालू निकलकर उन पर टूट पड़ा। भालू ने अपने पंजों और दांतों से उनके शरीर पर कई जगह हमला किया। हमले में उनकी छाती, हाथ और पैर पर गंभीर घाव हो गए। अचानक हुए हमले से वे जमीन पर गिर पड़े और जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
उनकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचने और शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला।

पुत्र ने ग्रामीणों के सहयोग से अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलते ही घायल के पुत्र प्रयाग महतो मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की सहायता से गंभीर रूप से घायल बद्री महतो को तत्काल गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार शरीर के विभिन्न हिस्सों में गहरे जख्म हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वन विभाग ने लिया घटना का संज्ञान
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग भी सक्रिय हो गया। वन विभाग के कर्मचारी नेहरू प्रजापति अस्पताल पहुंचे और घायल बुजुर्ग का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों एवं डीएफओ बोकारो को दे दी गई है। विभागीय स्तर पर मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है तथा नियमानुसार घायल को मिलने वाली राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा की मांग
भालू के हमले के बाद झुमरा पहाड़ एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में जंगल से निकलकर जंगली जानवरों की आवाजाही आबादी वाले क्षेत्रों के समीप बढ़ गई है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा जंगल से सटे गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं
झुमरा और लुगु पहाड़ सहित उसके आसपास का इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है। गर्मी के मौसम में पानी और भोजन की तलाश में हाथी, भालू सहित अन्य जंगली जानवर अक्सर जंगल से बाहर निकल आते हैं। ऐसे में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। बद्री महतो पर हुआ हमला भी इसी बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष का एक उदाहरण माना जा रहा है।
फिलहाल घायल बुजुर्ग का उपचार जारी है और पूरे क्षेत्र के लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
















