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Gomia: एक बार फिर लटकुट्टा के एक मकान के अंदर बोरवेल में लगी आग, दमकल कर्मियों ने पाया काबू

क्षेत्र में दहशत, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया अनदेखी का आरोप

गोमिया: गोमिया प्रखंड के पलिहारी गुरूडीह पंचायत अंतर्गत लटकुट्टा गांव में पुराने बोरवेल से गैस रिसाव और आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को एक बार फिर लटकुट्टा निवासी टिंकू जायसवाल उर्फ राजेश जायसवाल के मकान परिसर स्थित पुराने बोरवेल में अचानक आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और सुरक्षा की दृष्टि से आईईएल थाना पुलिस एवं दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना पाकर आईईएल थाना प्रभारी श्यामल मंडल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वहीं दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर फायर एक्सटिंगविशर की मदद से आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ी दुर्घटना टल गई।

हालांकि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश पुराने बोरवेल से लगातार मिथेन गैस का रिसाव हो रहा है।


सटे मकानों के बोरवेल से भी गैस और पानी का तेज रिसाव

ग्रामीणों के अनुसार जिस मकान में आग लगी उसके सटे महेश साव के घर में लगे चापानल से भी तेज आवाज के साथ गैस रिसाव हो रहा है और बिना चापानल चलाए लगातार पानी निकल रहा है। मौके पर पूर्व उप मुखिया चंदन पासवान, विनय कुमार, नसीम अंसारी, प्रकाश चौधरी, बबली स्वर्णकार समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।


पहले भी कई बार हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

लटकुट्टा क्षेत्र में इससे पहले भी कई बार पुराने बोरवेल से आग निकलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

8 जुलाई 2025 को लगी थी भीषण आग

बताया जाता है कि 28 मई 2025 की रात सैयद इमाम के यहां खुदे बोरवेल से अचानक भारी मात्रा में पानी और गैस का रिसाव शुरू हो गया था। इसके बाद 8 जुलाई 2025 को वहां भीषण आग लग गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ बच्चे डब्बों में पानी भरकर खेल रहे थे और इसी दौरान किसी ने माचिस जला दी, जिससे आग भड़क उठी और विकराल रूप धारण कर लिया।

घटना की सूचना पर तत्कालीन गोमिया बीडीओ महादेव महतो एवं सीओ आफताब आलम मौके पर पहुंचे थे। सुरक्षा के मद्देनजर आईईएल थाना पुलिस की तैनाती की गई थी। बाद में ओएनजीसी बोकारो की फायर सेफ्टी टीम ने आधा दर्जन फायर एक्सटिंगविशर और जेसीबी की मदद से आग पर काबू पाया था।


कई परिवार खौफ के साये में जीने को मजबूर

“ग्यारह बच्चों समेत 17 लोग डर के बीच रह रहे”

लटकुट्टा मुस्लिम टोला निवासी मो. महमूद सिद्दीकी एवं समोद सिद्दीकी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व पानी की समस्या दूर करने के लिए बोरवेल कराया गया था। शुरू में सामान्य पानी निकलता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव हो रहा है।

महमूद ने बताया कि गैस के दबाव के कारण सीमेंट की संरचना तक में दरारें पड़ गई हैं। परिवार ज्वलनशील वस्तुओं को बोरवेल के आसपास नहीं ले जाता। उनकी पत्नी रूही नाज ने बताया कि परिवार के 17 सदस्य, जिनमें 11 बच्चे शामिल हैं, हर समय भय के माहौल में जीवन बिता रहे हैं।


बिना मोटर चलाए निकल रहा पानी

हाल ही में लटकुट्टा निवासी समीर खान के घर में करीब 30 वर्ष पूर्व कराए गए बोरवेल से लगातार गैस के बुलबुलों के साथ भारी मात्रा में पानी निकल रहा था। उनकी पत्नी रेशमा खातून ने बताया कि बिना मोटर स्टार्ट किए ही पाइप से लगातार पानी बहता रहता है और घर की टंकियां, ड्रम व गैलन स्वतः भर जाते हैं।

हालांकि गैस रिसाव के कारण हर समय आग लगने की आशंका बनी रहती है।


2024 में भी भड़क चुकी थी आग

30 अक्टूबर 2024 को लटकुट्टा निवासी एवं गोमिया सीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी गौतम प्रसाद के घर में खुदे बोरवेल से गैस रिसाव के कारण आग की लपटें उठने लगी थीं। उस समय परिवार के लोग भयभीत हो गए थे। बाद में अग्निशमन यंत्र की मदद से आग बुझाई गई थी।

इसी तरह लटकुट्टा बस्ती के एक खेत में जमीन के अंदर से लगातार गैस के साथ आग की लपटें निकलने की घटना भी सामने आ चुकी है। इसके बाद वहां बच्चों ने खेलना तक बंद कर दिया है।


प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

उस समय स्थानीय ग्रामीण रिंकू ठाकुर और मो. सत्तार अंसारी ने आरोप लगाया था कि क्षेत्र में गैस रिसाव की जानकारी कई बार गोमिया बीडीओ और सीओ को दी गई, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि लटकुट्टा क्षेत्र से करीब 500 मीटर दूरी पर रेलवे लाइन और गोमिया रेलवे स्टेशन स्थित है। इसके बावजूद न तो रेलवे प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ने अब तक किसी स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया है।


क्षेत्र में मिथेन गैस भंडार होने की आशंका

ग्रामीणों का कहना है कि पानी की तलाश में कराए जा रहे अधिकांश बोरवेल से पानी के बजाय गैस निकल रही है। इससे क्षेत्र में मिथेन गैस के बड़े भंडार की संभावना जताई जा रही है। वहीं लोगों को पीने के पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र के सभी पुराने बोरवेल की वैज्ञानिक जांच कराने, गैस रिसाव की मॉनिटरिंग करने तथा स्थायी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।

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