गोमिया: एक ओर घर में बेटी की शादी की खुशियां थीं, रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था, गीत-संगीत और तैयारियों का माहौल था—लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शादी से ठीक एक दिन पहले खुशी का यह माहौल अचानक गम में बदल गया, जब बेटी की शादी के निमंत्रण कार्ड बांटने निकले पिता एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

यह दर्दनाक घटना सोमवार को गोमिया प्रखंड क्षेत्र में करमाटांड-चेलियाटांड मुख्य सड़क पर घटी। जानकारी के अनुसार हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत नेरकी गांव निवासी 50 वर्षीय खुशनारायण करमाली अपनी बेटी सुमन कुमारी की शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे। शादी मंगलवार को निर्धारित थी और घर में अंतिम तैयारियां चल रही थीं। इसी क्रम में वे अपने नाबालिग पुत्र सुमित कुमार करमाली के साथ रिश्तेदारों और परिचितों को शादी का निमंत्रण देने के लिए निकले थे।
बताया जाता है कि खुशनारायण करमाली ने हाल ही में एक नई सफेद रंग की अपाची बाइक खरीदी थी, जिसे बेटी की शादी में दहेज के रूप में देने की योजना थी। लेकिन शादी से एक दिन पहले उसी बाइक ने पूरे परिवार की खुशियों को गम में बदल दिया।

कैसे हुआ हादसा ?
सोमवार को पिता-पुत्र नई बाइक से गोमिया प्रखंड के कुर्कनालो और पेजुआ गांव की ओर कार्ड बांटने गये थे। इसी दौरान करमाटांड-चेलियाटांड मुख्य सड़क पर पेजुआ गांव के समीप अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे एक बरगद के पेड़ से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे में खुशनारायण करमाली गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पीछे बैठे उनके पुत्र सुमित कुमार को हल्की चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल पिता-पुत्र को उठाया और तत्काल निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद खुशनारायण की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बोकारो सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
डॉक्टरों के अनुसार उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं पुत्र सुमित का इलाज प्राथमिक स्तर पर कर दिया गया और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
घर में पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही नेरकी गांव स्थित उनके घर में कोहराम मच गया। जिस घर में शादी की तैयारियों के बीच खुशियों का माहौल था, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया। परिजन और रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं।
खुशनारायण करमाली की पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि रविवार को ही उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए नई बाइक खरीदी थी, जिसे दहेज के रूप में देने की तैयारी थी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही बाइक इतनी बड़ी अनहोनी का कारण बन जाएगी।
बसंती देवी ने कहा,
“हम लोग बेटी की शादी की तैयारी में लगे थे। कल बारात आनी है और आज ये हादसा हो गया। भगवान ऐसा दिन किसी को न दिखाए।”
शादी पर संकट के बादल
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चिंता बेटी की शादी को लेकर है। बारात आने में अब सिर्फ एक दिन का समय बचा है, लेकिन घर के मुखिया की गंभीर हालत ने पूरे कार्यक्रम पर संकट खड़ा कर दिया है।
रिश्तेदारों के बीच इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि क्या तय समय पर शादी संभव हो पाएगी या इसे टालना पड़ेगा। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य यह भी कह रहे हैं कि किसी तरह शादी की रस्में पूरी करने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन माहौल पूरी तरह से बदल चुका है।
गांव में भी शोक का माहौल
इस घटना के बाद नेरकी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भी शोक का माहौल है। गांव के लोग इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुशनारायण करमाली एक सरल और मेहनती व्यक्ति हैं, जो अपनी बेटी की शादी को लेकर काफी उत्साहित थे।
सड़क सुरक्षा पर भी उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करमाटांड-चेलियाटांड सड़क पर कई जगह मोड़ खतरनाक हैं और सड़क की स्थिति भी ठीक नहीं है। साथ ही सड़क किनारे बड़े-बड़े पेड़ हादसों को और घातक बना देते हैं।
भावनात्मक रूप से टूट गया परिवार
इस घटना ने पूरे परिवार को भावनात्मक रूप से झकझोर कर रख दिया है। बेटी सुमन कुमारी, जिसकी शादी होने वाली है, अपने पिता की हालत को लेकर बेहद चिंतित है। शादी की खुशियों के बीच यह दुखद घटना उसके लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
परिवार के लोग अस्पताल और घर के बीच भागदौड़ कर रहे हैं। एक ओर पिता की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद चल रही है, तो दूसरी ओर शादी की जिम्मेदारियां भी सिर पर हैं।
निष्कर्ष
यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल गया, बल्कि यह भी दिखाता है कि जीवन कितना अनिश्चित है। एक पल में सब कुछ बदल सकता है। बेटी की शादी जैसे खुशी के अवसर पर घटी यह घटना हर किसी को झकझोर कर रख देती है।
फिलहाल सभी की निगाहें खुशनारायण करमाली की हालत पर टिकी हुई हैं और लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। साथ ही यह भी उम्मीद की जा रही है कि किसी तरह यह परिवार इस कठिन समय से उबर पाए और बेटी की शादी संपन्न हो सके।















