• Home
  • Crime
  • डोलो ट्रेड मामले में बढ़ी हलचल, जांच के लिए बंद पड़े कार्यालय डोली पैलेस पहुंचे आईईएल थाना प्रभारी

डोलो ट्रेड मामले में बढ़ी हलचल, जांच के लिए बंद पड़े कार्यालय डोली पैलेस पहुंचे आईईएल थाना प्रभारी

निवेशकों से ली विस्तृत जानकारी, एफआईआर दर्ज होने की संभावना से बढ़ी उम्मीद

Shyamal

गोमिया। कथित निवेश कंपनी डोलो ट्रेड के खिलाफ सैकड़ों निवेशकों द्वारा करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप लगाए जाने के बाद मामले में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। सोमवार को आईईएल थाना प्रभारी एसके मंडल गोमिया बैंक मोड़ स्थित डोली पैलेस पहुंचे, जहां डोलो ट्रेड का कार्यालय संचालित होता था। वर्तमान में कार्यालय बंद पड़ा है, लेकिन थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और वहां मौजूद निवेशकों से विस्तृत पूछताछ की।

थाना प्रभारी के निरीक्षण और जांच के बाद निवेशकों में यह उम्मीद जगी है कि मामले में जल्द ही प्राथमिकी दर्ज हो सकती है तथा आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।


बंद कार्यालय पहुंची पुलिस, जुटाए साक्ष्य

जानकारी के अनुसार, डोलो ट्रेड के खिलाफ हाल ही में बड़ी संख्या में निवेशकों ने बोकारो पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

इसी क्रम में आईईएल थाना प्रभारी एसके मंडल जांच के लिए डोली पैलेस स्थित कंपनी के बंद पड़े कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय की स्थिति का निरीक्षण किया तथा वहां उपस्थित निवेशकों से कंपनी के संचालन, निवेश प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था और कथित धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी ली।

निवेशकों ने थाना प्रभारी को एग्रीमेंट, भुगतान रसीद, बैंक स्टेटमेंट, चेक तथा अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी दी। कई निवेशकों ने दावा किया कि उनके पास कंपनी द्वारा जारी किए गए दस्तावेज और भुगतान संबंधी प्रमाण मौजूद हैं।


सैकड़ों निवेशकों के फंसे हैं लाखों-करोड़ों रुपये

निवेशकों के अनुसार डोलो ट्रेड नामक कंपनी वर्ष 2020 से गोमिया क्षेत्र में सक्रिय थी। कंपनी 25 महीने में राशि दोगुनी करने और प्रतिमाह 8 प्रतिशत रिटर्न देने का दावा कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करती थी।

शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान कर विश्वास कायम किया गया, जिसके बाद लोगों ने स्वयं के साथ-साथ रिश्तेदारों और परिचितों को भी निवेश के लिए जोड़ा। बाद में भुगतान बंद हो गया और कंपनी का कार्यालय भी बंद कर दिया गया।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि गोमिया, कथारा, फुसरो, बीटीपीएस, जारंगडीह, चास और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों की रकम कंपनी में फंसी हुई है। कई लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और रिटायरमेंट फंड तक निवेश कर दिया था।


पुराने आरोपों को मिली नई गति

गौरतलब है कि गत वर्ष 24 अक्टूबर को भी दर्जनों निवेशकों ने आईईएल थाना में डोलो ट्रेड के संचालकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय निवेशकों ने आरोप लगाया था कि कंपनी के नाम पर एक संगठित गिरोह आकर्षक ब्याज दरों का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कर रहा है।

निवेशकों का आरोप था कि गोमिया करमाली टोला निवासी नरेश करमाली, पिंकी देवी, राहुल करमाली, सूर्यदेव प्रजापति समेत अन्य लोगों ने मिलकर कंपनी का संचालन किया और निवेशकों से बड़ी रकम जमा करवाई।

हालांकि उस समय मामला शिकायत स्तर तक सीमित रहा, लेकिन अब बड़ी संख्या में नए दस्तावेज और पीड़ित सामने आने के बाद जांच को नई दिशा मिली है।


एसपी को सौंपा गया है विस्तृत आवेदन

हाल ही में तेनु रोड निवासी राजेंद्र प्रसाद समेत कई निवेशकों ने बोकारो एसपी को विस्तृत आवेदन सौंपकर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में लाखों रुपये निवेश करने वाले कई लोगों के नाम, बैंक लेन-देन का विवरण तथा कंपनी के साथ हुए एग्रीमेंट की प्रतियां संलग्न की गई हैं।

निवेशकों का आरोप है कि कंपनी के संचालकों ने सुनियोजित तरीके से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया और बाद में कार्यालय बंद कर फरार हो गए।


एफआईआर की उम्मीद से निवेशकों में बढ़ा भरोसा

जांच के दौरान नीरज कुमार, शिव कुमार, शंकर प्रजापति, राजेन्द्र प्रसाद, एसएन प्रसाद आदि निवेशक मौके पर मौजूद रहे। उनका कहना था कि लंबे समय से वे न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पुलिस द्वारा जांच शुरू किए जाने और थाना प्रभारी के स्वयं मौके पर पहुंचने से उनमें उम्मीद जगी है कि अब मामले में एफआईआर दर्ज हो सकती है।

निवेशकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए तथा पीड़ितों की गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाए।


क्षेत्र में फिर चर्चा का विषय बना डोलो ट्रेड

डोलो ट्रेड प्रकरण एक बार फिर गोमिया और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है। पहले वेलफेयर, यावारिश और अन्य निवेश योजनाओं में लोगों के फंसने के बाद अब इस मामले ने ग्रामीणों और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी इसी तरह की फर्जी निवेश योजनाएं भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाती रहेंगी। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और संभावित प्राथमिकी पर टिकी हुई हैं।

Releated Posts

Gomia: गोमिया में व्यवसायी से 99 हजार रुपये की साइबर ठगी, बिजली विभाग का अधिकारी बनकर ठगों ने दिया वारदात को अंजाम

गोमिया। आईईएल थाना क्षेत्र के गवर्नमेंट कॉलोनी निवासी एवं आईईएल शिव मंदिर के समीप रिचार्ज व आइसक्रीम दुकान…

ByByadmin अगस्त 22, 2026

Gomia: तिरंगे के सम्मान में हुई चुक, भड़के ग्रामीण, 16 अगस्त की शाम को उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिदरी में उतारा गया राष्ट्रीय ध्वज, ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की मांग की

गोमिया। गोमिया प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चिदरी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज…

ByByadmin अगस्त 16, 2026

Gomia: गोमिया रेलवे ओवरब्रिज साइट से बैटरी चोरी करते युवक धराया, एक फरार

गोमिया। गोमिया रेलवे क्रासिंग स्थित निर्माणाधीन ओवरब्रिज साइट पर मंगलवार की रात गाड़ी की बैटरी चोरी करने का…

ByByadmin अगस्त 11, 2026

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top