गोमिया (बोकारो): गोमिया थाना क्षेत्र के साड़म भाट टोला निवासी मारूफ राय ने साइबर अपराधियों द्वारा उनके बैंक खाते से कथित तौर पर ₹65,000 की अवैध निकासी किए जाने की शिकायत गोमिया थाना प्रभारी से की है। पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में मामले की जांच कर अज्ञात साइबर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा निकाली गई राशि को होल्ड/फ्रीज कराकर वापस दिलाने की मांग की है।
मारूफ राय ने अपने आवेदन में बताया है कि उन्होंने 10 सितंबर 2026 को अपने मोबाइल फोन के माध्यम से Online करीब ₹80,000 के ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। लोन आवेदन की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने आवश्यक दस्तावेज के रूप में अपना पैन कार्ड और आधार कार्ड ऑनलाइन साझा किया था। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके Bank of India, साड़म शाखा के बचत खाते में ₹75,992 की राशि जमा हुई।
आवेदनकर्ता के अनुसार, लोन की राशि खाते में आने के बाद उन्होंने अपनी जरूरतों के लिए अलग-अलग समय पर कुल सात बार में लगभग ₹11,600 की निकासी की थी। इसके बाद उनके बैंक खाते में करीब ₹73,631 की राशि शेष थी।

रात में अचानक सफेद हो गई मोबाइल की स्क्रीन
मारूफ राय ने पुलिस को बताया कि उसी दिन यानी 10 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे अचानक उनका मोबाइल फोन काम करना बंद हो गया। मोबाइल की स्क्रीन पूरी तरह सफेद हो गई थी और फोन सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहा था। उस समय उन्होंने इसे मोबाइल हैंग होने अथवा तकनीकी खराबी की सामान्य समस्या समझा।
करीब एक घंटे बाद मोबाइल फोन दोबारा सामान्य रूप से काम करने लगा। इसके बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी और लेन-देन की स्थिति की जांच की तो उनके होश उड़ गए। खाते में ऐसे लेन-देन दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने स्वयं नहीं किया था।
तीन बार में खाते से निकाले गए ₹65 हजार
भुक्तभोगी के अनुसार, उनके बैंक खाते से ₹20,000 की दो अलग-अलग निकासी तथा ₹25,000 की एक निकासी की गई थी। इस तरह कुल तीन अनधिकृत लेन-देन के माध्यम से उनके खाते से ₹65,000 की राशि निकल गई।
पीड़ित का कहना है कि उक्त तीनों लेन-देन उन्होंने स्वयं नहीं किए और न ही उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को अपने बैंक खाते से यह राशि निकालने की अनुमति दी थी। मोबाइल के अचानक बंद होने और उसके बाद खाते से बड़ी रकम की निकासी होने के कारण उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा मोबाइल या बैंकिंग संबंधी जानकारी के साथ छेड़छाड़ किए जाने का संदेह है।
ऑनलाइन लोन आवेदन के बाद घटना से बढ़ा संदेह
मारूफ राय के मुताबिक, साइबर ठगी की घटना उसी दिन हुई, जिस दिन उन्होंने ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था और लोन की राशि उनके बैंक खाते में जमा हुई थी। लोन आवेदन के दौरान पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन साझा किए जाने के बाद खाते में राशि आई और कुछ ही घंटों बाद मोबाइल में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। इसके बाद खाते से ₹65,000 की अनधिकृत निकासी सामने आई।
हालांकि, मोबाइल फोन किस तरह प्रभावित हुआ और बैंक खाते से राशि किस माध्यम से निकाली गई, इसका स्पष्ट पता पुलिस की जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल आवेदनकर्ता ने मामले में अज्ञात साइबर अपराधियों के शामिल होने की आशंका जताई है।
₹65 हजार होल्ड कराकर वापस दिलाने की मांग
पीड़ित ने गोमिया थाना प्रभारी से मामले की गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से बैंक खाते से निकाली गई ₹65,000 की राशि को तत्काल होल्ड/फ्रीज कराने तथा नियमानुसार राशि वापस दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उन्होंने पुलिस से साइबर अपराधियों द्वारा किए गए कथित अनधिकृत लेन-देन की जांच, संबंधित बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जानकारी प्राप्त करने तथा घटना में इस्तेमाल किए गए ऑनलाइन माध्यमों की पड़ताल करने का भी आग्रह किया है।
पुलिस जांच से सामने आएगी ठगी की पूरी तस्वीर
पीड़ित के आवेदन के आधार पर अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई, लेन-देन के लिए किस डिजिटल माध्यम या बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल किया गया तथा इस पूरी घटना में मोबाइल फोन की तकनीकी खराबी की क्या भूमिका थी। पुलिस जांच और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की तकनीकी जानकारी मिलने के बाद ही साइबर ठगी की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।
मारूफ राय ने आवेदन के माध्यम से पुलिस से अज्ञात साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने और आर्थिक नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है।
संलग्न दस्तावेज: पीड़ित ने अपने आवेदन के साथ बैंक स्टेटमेंट, फोन-पे से संबंधित जमा-निकासी विवरण तथा ऑनलाइन लोन से संबंधित दस्तावेज संलग्न किए हैं।
















