परिसीमन कर नवीन पंचायत गठन की उठी मांग, उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का निर्णय

गोमिया: गोमिया प्रखंड के बनचतरा क्षेत्र में रविवार को नया ग्राम पंचायत गठन और पंचायत परिसीमन की मांग को लेकर एक बड़ी आमसभा का आयोजन किया गया। बैठक में बनचतरा मौजा अंतर्गत आने वाले कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। आमसभा की अध्यक्षता सोनाराम बेसरा ने की, जबकि संचालन गंदौरी राम ने किया।
बैठक में भौराटांड, बोरवाकोचा, रास्ताटोला, हड़हाडीह, पचंबा, कोदवाटांड, भुचुंगडीह, भट्ठाडीह, बाड़ेकोचा सहित आसपास के गांव चीतु, बरतुआ, हेठबेडवा, भुइयांडीह, करमाटांड और थाना बस्ती के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बनचतरा को नया ग्राम पंचायत घोषित करने तथा पंचायत परिसीमन कराने की मांग उठाई।
“दूरी के कारण विकास कार्य प्रभावित”
अध्यक्ष सोनाराम बेसरा ने कहा कि बनचतरा क्षेत्र आदिवासी बहुल इलाका है, लेकिन वर्तमान में यह लोधी ग्राम पंचायत का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत सचिवालय की दूरी लगभग 7 किलोमीटर तथा गोमिया प्रखंड कार्यालय की दूरी करीब 9 किलोमीटर है। ऐसे में ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि दूरी अधिक होने के कारण ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ भी सही ढंग से नहीं पहुंच पाता। इसके चलते यह क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गया है।
परिसीमन में जनसुविधा की अनदेखी का आरोप
रामदेव मुर्मू ने कहा कि चाहे दो पंचायतों का सीमांकन हो या दो प्रखंडों का, परिसीमन के दौरान जनता की सुविधा को प्राथमिकता नहीं दी जाती। इसका परिणाम यह होता है कि विभाजन जनहित के बजाय जनविरोधी साबित होने लगता है और ग्रामीण विकास प्रभावित होता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को पंचायत परिसीमन के दौरान भौगोलिक स्थिति, आवागमन की सुविधा और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए।
“तीन पंचायत चुनाव बीत गए, फिर भी विकास नहीं”
अर्जुन मरांडी ने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले बनचतरा गांव को लोधी पंचायत में शामिल किए जाने के समय से ही ग्रामीणों में असंतोष था। हालांकि आदिवासी ग्रामीणों ने इसे स्वीकार किया, लेकिन तीन बार पंचायत चुनाव होने के बाद भी क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव से पहले नया पंचायत गठन और परिसीमन की मांग को लेकर बोकारो उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पंचायत गठन के सभी मानक पूरे होने का दावा
ग्रामीण अमृत मरांडी, विजय सोरेन, रामेश्वर मरांडी, बद्री सोरेन, विनोद हांसदा समेत अन्य लोगों ने कहा कि भौराटांड, बोरवाकोचा, रास्ताटोला, हड़हाडीह, पचंबा, कोदवाटांड, भुचुंगडीह, भट्ठाडीह और बाड़ेकोचा समेत कई गांवों के लोगों को राजस्व एवं पंचायत संबंधी छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना था कि चीतु, बरतुआ, हेठबेडवा, भुइयांडीह, करमाटांड और थाना बस्ती को मिलाकर आबादी 3000 से अधिक है और नया ग्राम पंचायत गठन के सभी मानकों को पूरा करती है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
आमसभा में जेठू गंझू, ढेनामांझी, बबलू सोरेन, लालचंद बेसरा, सहदेव भोक्ता, जगदीश टुडू, सोधन टुडू, रामजी मरांडी, अनिल मरांडी, चाँदमुनी बेसरा, जगेश्वर मरांडी, रंजना देवी, मंजू देवी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।














