
गोमिया (बोकारो): गोमिया प्रखंड के कर्री खुर्द पंचायत अंतर्गत पैसरा गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में ग्रामीण किसान जयराम मांझी (42 वर्ष) की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक की पत्नी लीलमुनी देवी ने बताया कि शनिवार को जयराम मांझी धान की बुआई का कार्य करने के बाद अपने पालतू जानवरों को धोने के लिए गांव के तालाब में उतरे थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे तालाब के गहरे पानी में चले गए। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर तालाब में नहा रहे साहेबराम टुडू ने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी।

सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और तालाब में उतरकर झागर एवं जाल की मदद से खोजबीन शुरू की। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जयराम मांझी का शव तालाब से बरामद किया गया।
घटना की सूचना मिलने पर चतरोचट्टी थाना के एसआई कुंदन प्रसाद यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि जयराम मांझी परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनके परिवार में पत्नी लीलमुनी देवी, पुत्र मंटू सोरेन (25), जो राजस्थान में प्रवासी मजदूर के रूप में कार्यरत है और घटना की सूचना मिलने के बाद घर लौट रहा है, तथा दो पुत्रियां बसंती सोरेन (22) और बिरंती सोरेन (18) हैं।

इधर, कर्री खुर्द पंचायत के मुखिया सोनाराम मुर्मू ने घटना की सूचना गोमिया के बीडीओ एवं सीओ को देते हुए मृतक किसान के आश्रितों को आपदा राहत कोष के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराए, ताकि इस कठिन समय में परिवार को आर्थिक संबल मिल सके।














