गोमिया: गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी क्षेत्र में मंगलवार को आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण कई गांवों में पेड़ धराशायी हो गए, कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए तथा कई घरों की एस्बेस्टस सीट टूटकर बिखर गई। प्राकृतिक आपदा के चलते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

आंधी के दौरान नव प्राथमिक विद्यालय तिसकोपी के मुख्य गेट पर विशाल पेड़ गिर जाने से विद्यालय का गेट एवं बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं पेड़ गिरने से ईश्वर अगरिया, मनोज अगरिया तथा मोसामत मंगरी देवी के घरों और बाउंड्रीवाल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बड़की सीधाबारा गांव में एक टीन का शेड गिर जाने से वहां खड़ी बोलेरो गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।

तेज हवा और बारिश के कारण चतरोचट्टी थाना के समीप के विशालकाय जामुन का पेड़ उखड गया वहीं थाना रोड में आम के पेड़ भी गिरे हैं कई स्थानों पर सड़क पर पेड़ और बड़ी-बड़ी डालियां गिर गईं, जिससे आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी भयावह थी कि कई कच्चे मकानों के छप्पर उड़ गए और घरों में रखा अनाज, कपड़ा तथा अन्य सामान भीगकर खराब हो गया। कुछ परिवारों के घरों की एस्बेस्टस सीट टूट जाने से उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

प्राकृतिक आपदा का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। क्षेत्र में लगे कई सोलर जलमीनार आंधी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आने वाले दिनों में पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा कई गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिसके कारण देर रात तक अंधेरा पसरा रहा और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

आंधी और बारिश के बाद क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों का जल्द सर्वे कर क्षति का आकलन कराने तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल सरकारी सहायता की आवश्यकता है ताकि वे दोबारा सामान्य जीवन जी सकें।














