
हजारीबाग: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना अंतर्गत कुसुम्भा गांव में हुई मासूम बच्ची की विभत्स हत्या का पुलिस ने अब जाकर खुलासा कर दिया है। रामनवमी के मंगला जुलुस से लापता हुई मासूम बच्ची को तंत्र मंत्र के चक्कर हत्या की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मृतका की मां रेशमी देवी व कुसुम्भा गांव के ही भीम राम और शांति देवी उर्फ भगतिन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

हजारीबाग़ एसपी ने जारी किया प्रेस रिलीज
हजारीबाग़ एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए प्रेस रिलीज भी जारी किया है जिसमें अंकित है कि इस विभत्स हत्या को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। तकनीकी साक्ष्य और गहन अनुसंधान में सामने आया कि मृतका की मां रेशमी देवी लंबे समय से अपने बेटे की शारीरिक और मानसिक बिमारी के समाधान के लिए पास की एक महिला शांति देवी उर्फ भगतिन से संपर्क की। भगतिन ने समस्या के निपटान के लिए कुआंरी छोटी बेटी की बाले देनी की बात कही। अंधविश्वास में फंसकर कलयुगी मां रामनवमी के दिन सुनियोजित तरीके से बच्ची को पूजा के बहाने भगतिन के घर ले गई और तंत्र-मंत्र की आड़ में बच्ची की क्रूरता से हत्या कर दी। इस पुरे प्रकरण में बच्ची की मां के साथ एक अन्य आरोपी भीम राम जिसे बच्ची की मां का प्रेमी बताया जा रहा है उसकी भी संलिप्तता सामने आई है।

भीम राम ने पुलिस और ग्रामीणों को किया गुमराह
भीम राम पुरे हत्याकांड में शामिल रहा बावजूद इसके उसने स्थानीय पुलिस, ग्रामीणों और श्रद्धापूर्वक संताप परिवार से मिलने आएं वाले नेताओं व परिवारजनों को भ्रमजाल बुनकर गुमराह करता रहा। भीम राम पुलिस वालों और नेताओं के सामने खड़े होकर और आँख से आँख मिलाकर धोखा देता रहा जिसकी तस्वीरें अब जाकर तेजी से वायरल हो रही है।
बता दें कि मृत बच्ची का विभत्स शव मंगला जुलुस रामनवमी के अगले दिन सुबह बांस झाड़ी के पास बरामद हुआ था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।














