गोमिया। आईईएल थाना क्षेत्र के गवर्नमेंट कॉलोनी निवासी एवं आईईएल शिव मंदिर के समीप रिचार्ज व आइसक्रीम दुकान संचालक संत कुमार यादव साइबर ठगी के शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने बिजली विभाग का अधिकारी बनकर उन्हें फोन किया और बिजली मीटर में 200 यूनिट से अधिक रीडिंग होने की बात कहकर बिजली बिल कम कराने का झांसा दिया। इसके बाद लिंक भेजकर पहले 10 रुपये का भुगतान कराया और फिर कुछ ही देर में उनके खाते से कुल 99 हजार रुपये उड़ा लिए।

पीड़ित संत कुमार यादव के अनुसार, शुक्रवार शाम उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके बिजली मीटर में 200 यूनिट से अधिक की रीडिंग दर्ज है। इसके कारण बिजली बिल अधिक आ सकता है। ठग ने बिल कम कराने के नाम पर उन्हें भरोसे में लिया और मोबाइल पर एक लिंक भेजा।
बताया जाता है कि लिंक के माध्यम से पहले उनसे 10 रुपये का भुगतान कराया गया। इसके बाद ठगों ने उन्हें मोबाइल पर ही प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर काफी देर तक होल्ड पर रखा। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक बातचीत और प्रक्रिया चलने के दौरान साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से पहले 90 हजार रुपये और उसके बाद 9 हजार रुपये की रकम निकाल ली। इस तरह उनके खाते से कुल 99 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली गई।
पीड़ित का कहना है कि पूरी घटना के दौरान साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन को भी कथित रूप से हैक कर लिया था। उन्हें जब खाते से रकम निकाले जाने का पता चला तो उनके होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद उन्होंने साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही मामले की जानकारी आईईएल थाना पुलिस को देते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की।
बिजली बिल के नाम पर बढ़ रहे साइबर ठगी के मामले
बिजली बिल, मीटर रीडिंग, कनेक्शन कटने और बिल सुधार के नाम पर साइबर ठग लोगों को लगातार निशाना बना रहे हैं। ठग पहले खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी या अधिकारी बताकर उपभोक्ता को डराते हैं और फिर तत्काल बिल भुगतान या सुधार के नाम पर मोबाइल में लिंक, ऐप या अन्य डिजिटल प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहते हैं। जैसे ही उपभोक्ता उनके बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी करता है, साइबर अपराधी बैंक खाते से रकम उड़ा देते हैं।
संत कुमार यादव के साथ हुई घटना भी इसी तरह की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ गई है।
साइबर ठगी से बचने के लिए रहें सावधान
विशेषज्ञों के अनुसार बिजली विभाग या कोई भी सरकारी विभाग फोन पर बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या स्क्रीन शेयर करने के लिए नहीं कहता। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या उसके कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए। बिजली बिल या मीटर से संबंधित किसी भी समस्या के लिए संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से ही संपर्क करना सुरक्षित है।
साइबर ठगी होने पर पीड़ित को बिना देर किए बैंक को सूचना देने के साथ साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि ठगी गई रकम को रोकने या वापस कराने की संभावना बनी रहे। गोमिया के व्यवसायी संत कुमार यादव द्वारा घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और साइबर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

















