पलिहारी गुरूडीह की जमीन से जुड़ा मामला, पहले गोमिया थाना और अब आईईएल थाना में दर्ज हुआ नया केस; लगातार कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप

गोमिया (बोकारो)। गोमिया प्रखंड में फर्जी वंशावली और कथित जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री के मामलों पर प्रशासन लगातार शिकंजा कस रहा है। इसी क्रम में गोमिया अंचलाधिकारी मो. आफताब आलम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए पलिहारी गुरूडीह मौजा की जमीन से जुड़े मामले में चार लोगों के विरुद्ध आईईएल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इससे पहले इसी प्रकरण से जुड़े एक अन्य मामले में गोमिया थाना में दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से क्षेत्र में भूमि फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, अंचल अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी गोमिया निवासी राजेश कुमार गुप्ता (पिता-स्व. सरजू प्रसाद गुप्ता) की शिकायत एवं राजस्व विभाग द्वारा कराई गई जांच के आधार पर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मौजा पलिहारी गुरूडीह, खाता संख्या-11 की कई जमीनों को गलत वंशावली तैयार कर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया।
पहले भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व इसी शिकायत के आधार पर गोमिया थाना कांड संख्या-96/2026 दर्ज किया गया था। उस मामले में विजय गुप्ता एवं दीपक गुप्ता पर फर्जी वंशावली और जाली कागजात के आधार पर भूमि बिक्री कर धोखाधड़ी एवं जालसाजी करने का आरोप लगाया गया था। उस मामले की जांच अभी जारी है। अब जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और अतिरिक्त दस्तावेजों के आधार पर प्रशासन ने एक और प्राथमिकी दर्ज कराते हुए मामले का दायरा बढ़ा दिया है।
वर्ष 2025 और 2026 में हुई कई रजिस्ट्रियों पर सवाल
अंचल अधिकारी के आवेदन के अनुसार प्लॉट संख्या 223, 721, 779, 1019 एवं 640 की भूमि वर्ष 2025 एवं 2026 के दौरान अलग-अलग केवाला (बिक्री विलेख) के माध्यम से विभिन्न खरीदारों के नाम हस्तांतरित की गई। आरोप है कि इन बिक्री दस्तावेजों में प्रयुक्त वंशावली वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाती और उसी के आधार पर भूमि का हस्तांतरण किया गया।
राजस्व विभाग को आशंका है कि यदि इन दस्तावेजों की समय रहते जांच नहीं होती तो आगे चलकर बड़े पैमाने पर भूमि विवाद उत्पन्न हो सकते थे।
वंशावली में पिता के नाम को लेकर विवाद
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में दावा किया है कि पूरे मामले की जड़ वंशावली में की गई कथित हेराफेरी है। शिकायत के अनुसार लखन हलवाई के पिता का नाम सरकारी अभिलेखों में अलग-अलग दर्शाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची, ऑनलाइन जमाबंदी, बैंक अभिलेख, नोटरी शपथ पत्र तथा ग्राम पंचायत द्वारा सत्यापित वंशावली में लखन हलवाई के पिता का नाम नान्हु साव (नान्ह हलवाई साव) अंकित है।
जबकि कुछ आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं मृत्यु प्रमाण पत्र में उनके पिता का नाम रघुनी हलवाई उर्फ रघुनंदन साव दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी कथित अंतर का लाभ उठाकर गलत वंशावली तैयार की गई और उसके आधार पर जमीन की बिक्री की गई।
जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी
अंचल अधिकारी ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि उपलब्ध दस्तावेजों एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि संबंधित भूमि को कथित रूप से गलत वंशावली एवं फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने तथा हड़पने का प्रयास किया गया है। इसी आधार पर पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया।
चार लोगों को बनाया गया आरोपी
इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अंगद कुमार (पिता-स्व. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता), दीपक कुमार (पिता-स्व. वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता), विजय गुप्ता (पिता-स्व. लखन हलवाई) तथा राजेंद्र प्रसाद गुप्ता (पिता-स्व. लखन हलवाई), सभी निवासी पलिहारी गुरूडीह, गोमिया के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब सभी दस्तावेजों की वैधानिक जांच, संबंधित पक्षों से पूछताछ और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन करेगी।
लगातार कार्रवाई से भू-माफियाओं में बेचैनी
गोमिया प्रखंड में पिछले कुछ महीनों के दौरान जमीन से जुड़े विवाद, फर्जी दस्तावेज, अवैध रजिस्ट्री और गलत वंशावली के आधार पर भूमि हस्तांतरण के कई मामले सामने आए हैं। राजस्व विभाग और पुलिस द्वारा लगातार दर्ज की जा रही एफआईआर तथा जांच से भूमि माफियाओं और ऐसे नेटवर्क से जुड़े लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ कर या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का हस्तांतरण करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थाना दिवस और विशेष जांच अभियान का दिख रहा असर
भूमि विवादों के बढ़ते मामलों को देखते हुए गोमिया प्रखंड के विभिन्न थानों में नियमित रूप से आयोजित थाना दिवस के माध्यम से भी शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। राजस्व एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से पुराने भूमि विवादों की समीक्षा कर रहे हैं। कई मामलों में दस्तावेजों का पुनः सत्यापन कराया जा रहा है, जिससे वर्षों पुराने विवाद भी सामने आ रहे हैं।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी सच्चाई
आईईएल थाना पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होना जांच की शुरुआत है। मामले में लगाए गए सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों, दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही होगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि जांच में तथ्य भिन्न पाए जाने पर उसी अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गोमिया क्षेत्र में भूमि अभिलेखों की जांच और फर्जी दस्तावेजों के विरुद्ध प्रशासन अब पहले से कहीं अधिक सक्रिय और सख्त रुख अपनाए हुए है।
















