मंत्री ने कहा- विधेयक झारखंडी हितों के खिलाफ, विरोध जारी रहेगा
गोमिया। शनिवार को झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग मंत्री योगेंद्र प्रसाद गोमिया प्रखंड कार्यालय परिसर में केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। इस धरना प्रदर्शन में गोमिया प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री योगेंद्र ने कहा कि खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के जरिए केंद्र सरकार झारखंड के खनिज संपदाओं और राज्य के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। झारखंड देश को खनिज संपदा देता है, इसलिए अपने संसाधनों पर पहला हक झारखंड की जनता का है। केंद्र सरकार का यह तुगलकी फरमान झारखंडी हितों के खिलाफ है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कहा कि खनिज राजस्व राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण आधार है। इसमें कमी का सबसे सीधा और गंभीर असर गरीब, जरूरतमंद और विशेषकर महिलाओं पर पड़ेगा। मंईयां सम्मान, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अबुआ आवास जैसी योजनाओं से बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार जुड़े हैं। कहा कि यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि झारखंड के हक, अधिकार और संसाधनों की रक्षा की लड़ाई है।

झारखंड अपने जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकार से कोई समझौता नहीं करेगा। कहा कि केंद्र सरकार को राज्य के संसाधनों के साथ मनमानी बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंडवासी इस काले कानून को स्वीकार नहीं करेंगे। झामुमो इस तुगलकी फरमान के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ आवाज उठाता रहेगा और इस संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग जारी रखेगा। कार्यक्रम के दौरान मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने गोमिया बीडीओ को राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। मौके पर झामुमो बोकारो जिला सहसचिव सह विधायक प्रतिनिधि अमित पासवान, झामुमो गोमिया प्रखंड अध्यक्ष सह विधायक प्रतिनिधि लूदू मांझी, मुखिया बंटी उरांव, मुखिया अंशु कुमारी, मुखिया जुबेदा खातून, झामुमो के युवा नेता पिंटू पासवान, घनश्याम महतो, गणेश यादव, हेमू यादव, बद्री पासवान, यासमीन परवीन, राजू शाह, पोलूश टुडू, ऐनुल अंसारी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।


















